अनुमति से अधिक फ्लैट बनाने पर जवाब तलब
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने आवासीय बहुमंजिला इमारतें बनाने पर कंस्ट्रक्शन कंपनी सुपर टेक की जार सोसाइटी में अनुमति से अधिक संख्या में फ्लैट बनाए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर कंपनी और अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा है। धर्मेंद्र कुमार सिंह सेंगर की याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ ने सुनवाई की।
याचिका में कहा गया कि कंपनी को 844 फ्लैट बनाने की स्वीकृति ही मिली थी मगर उसने 1060 फ्लैट बना लिए हैं। जो नियमविरुद्ध है। सुपरटेक के अधिवक्ता ने कहा कि यदि कोई ध्वस्तीकरण का आदेश दिया जाता है तो उन फ्लैट क्रेताओं को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जिन लोगों ने फ्लैट खरीदें हैं उनको इस याचिका के बारे में अवगत कराया जाए। याची को भी निर्देश दिया है कि वह अखबारों में इस आशय की सूचना प्रकाशित कर याचिका दाखिल किए जाने के बारे में जानकारी दे। सभी पक्षकारों को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस दौरान यदि किसी तीसरे पक्ष का हित सृजित किया जाता है तो वह इस याचिका के निर्णय की विषय वस्तु होगी। याचिका पर अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।