आरोप है कि दोनों विद्यालयों के नवीनीकरण के संबंध में रतिपाल अपने विद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह के साथ 30 अक्तूबर को सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स के रागविराग से मिले तो उन्होंने अपना मोबाइल नंबर देकर कहा कि नवीनीकरण कैसे होगा मैं आप लोगों को फोन पर बता दूंगा।
इसके बाद राग विराग ने तीन नवंबर को व्हॉट्सएप पर कॉल करके कहा कि दोनों विद्यालयों के नवीनीकरण के लिए दो लाख रुपये देने होंगे। इसके बाद दोनों विद्यालयों के नवीनीकरण के लिए 75-75 हजार में डील तय हुई। जैसे ही पहली रिश्वत दी गई तो आरोपी गिरफ्तार हो गए।
अब तो पकड़ ही लिया है, ले चलो मुझे...
एफआईआर के मुताबिक, रतिपाल ने कार्यालय जाकर कहा कि बाबू जी मेरी फर्म का नवीनीकरण करा दीजिए। इस पर रागविराग ने जवाब दिया कि प्रति फर्म के नवीनीकरण के लिए 75-75 हजार रुपये देने के बारे में जितेंद्र सिंह को बताया है। रुपये लाए हो कि नहीं, रुपये देने के बाद ही नवीनीकरण होगा। इसके बाद विजय राज से रुपये लेने को कहा। तभी एंटी करप्शन की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। रागविराग ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि अब तो पकड़ ही लिया है, ले चलो मुझे।