जवाबी फायरिंग में चिंटू को लगी गोली
सूचना पर पुलिस ने घेरेबंदी की। रात में करीब दो बजे बदमाशों ने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में चिंटू खरवार के दाहिने पैर में गोली लग गई। मौके से उसका साथी बुंदेला उर्फ सारंगी फरार हो गया। चिंटू और बुंदेला बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस ने चार मई को मुठभेड़ में नवल उर्फ नवला खरवार को गोली मारी थी। चिंटू उसका सगा भाई है।
चिंटू और सारंगी समेत छह लोगों को चार मई को ही वांटेड किया गया था। इसके बाद पुुलिस ने उन पर 50-50 हजार का इनाम भी घोषित किया था। उसके बाद से ही बचे आरोपियों की तलाश में पुलिस खोजबीन कर रही थी। अभी भी एक महिला समेत चार की तलाश की जा रही है। इस गिरोह पर न सिर्फ खेवराजपुर सामूहिक हत्याकांड बल्कि गोहरी में सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप है।
गोहरी और खेवराजपुर में सामूहिक हत्याकांड और दुष्कर्म को अपने साथियों के साथ अंजाम देने वाले चिंटू खरवार को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका उपचार कराया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने जुर्म कुबूल कर लिया है। -अजय कुमार, एसएसपी प्रयागराज।
अब तक आठ पकड़े गए, अब पांच की तलाश
सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने वाले गिरोह के आठ लोगों को पकड़ लिया गया है। चार मई को औरंगाबाद बिहार के नवल कुमार उर्फ नवला खरवार, रोहित खरवार, पीपी कुमार खरवार, मोनू कुमार गौतम, आकाश खरवार, भीम कुमार गौतम और मददगार संगीता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। नवल, रोहित और पीपी पुलिस की गोली से घायल भी हुए थे। बुधवार को चिंटू को भी पकड़ लिया गया। अब डेभी खरवार, मुर्गी पांख, बुंदेला उर्फ सारंगी, डेढ़ गांव उर्फ बभना और नेहा खरवार बचे हैं। उनकी तलाश की जा रही है।