चिल्ड्रेन अस्पताल में उपचार कराना और आसान हो गया है। अस्पताल में बच्चों केलिए दो नए वेंटिलेटर लगाए गए हैं। हार्ट, बीपी बताने वाले चार नए मॉनीटर लगा दिए गए हैं। इससे मरीजों को काफी सहूलियत होगी। वेंटिलेटर और मॉनीटर की कमी से उपचार में परेशानी हो रही थी। गरीब मरीजों का उपचार मुश्किल से हो पा रहा था। चिकित्सकीय उपकरणों के अभाव में मरीज लौट जा रहे थे।
चिकित्सालय में वेंटिलेटर बहुत ही कम हैं। इससे आए दिन मरीजों को निजी अस्पताल की ओर भटकना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर का खर्चा एक दिन का हजारों रुपये है। गरीब मरीज इस खर्चे को वहन नहीं सकते हैं। उपचार के अभाव में कई बच्चों की मौत हो जाती है। इसी को देखते हुए दो नई वेंटिलेटर मशीन लगाई गई हैं। उससे बच्चों का उपचार शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा चार नए मॉनीटर भी गहन चिकित्सा कक्ष में स्थापित कर दिए गए हैं। जरूरत पर बच्चों के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। गहन चिकित्सा कक्ष में अभी एक भी मॉनीटर नहीं लगाया जा सका है।