चित्रकूट निवासी 12 वर्षीय बच्चे के पैर के दर्द को कैल्सियम की कमी समझकर इलाज चलता रहा। वहीं समस्या बढ़ने के बाद जब बच्चे को छावनी सामान्य अस्पताल लाया गया। जहां बच्चे के बाएं पैर में इविंग सारकोमा नामक कैंसर की पुष्टि हुई। जिसके बाद बच्चे को लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया।
चिकित्सकों का कहना है कि यह एक दुर्लभ कैंसर होता है। जो कि तेजी से शरीर में फैलता है। यह कैंसर 10 से 20 वर्ष के बच्चों और किशोरों में होता है। बच्चे को जब छावनी सामान्य अस्पताल लाया गया, तो उसके पैर में सिकुड़कर पतला हो गया था और काफी दर्द था। इस दौरान एक्सरे और सिटी स्कैन की जांच में ट्यूमर की पुष्टि हुई। जिसे इविंग सारकोमा नामक कैंसर कहा जाता है। वहीं बच्चे के माता-पिता ने बताया कि वह पिछले एक साल से बाई तरफ झुककर चल रहा था। इस दौरान 50 एक्सरे हुए। हर बार इसे कैल्सियम की कमी बताया गया। लेकिन अप्रैल में उसका चलना फिरना बंद हो गया।
क्या है इविंग सारकोमा
इविंग सारकोमा हड्डियों या हड्डियों के आसपास के नरम ऊतकों में होने वाला एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है। यह मुख्य रूप से बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों में होता है, जो अक्सर पैरों, कूल्हों या बांहों की हड्डियों को प्रभावित करता है।
क्या है लक्षण
1-ट्यूमर वाली जगह पर कोमल या गर्म सूजन और गांठ।
2-बिना किसी गंभीर चोट के हड्डी का टूट जाना, क्योंकि ट्यूमर हड्डी को कमजोर कर देता है।
3-बिना किसी स्पष्ट कारण के बुखार आना।
4-थकान, भूख कम लगना और वजन का तेजी से कम होना।
5-जोड़ के पास सूजन के कारण हिलने-डुलने में कठिनाई।
6-पैर का सूखकर सिकुड़ना और एक तरफ झुककर चलना।
अगर बच्चा बार-बार पैर में दर्द की शिकायत कर रहा है, तो बिना देर किए चिकित्सक को दिखाना जरुरी है क्योंकि यह इविंग सारकोन का लक्षण है। इस कैंसर के होने का मुख्य कारण अनुवांशिक व कुपोषण माना गया है।
- डॉ. वैशाली सिंह, छावनी सामान्य अस्पताल।