दूसरी तरफ डेंगू होने के कारण पेट में पल रहे बच्चे के आसपास पानी की कमी होने लगती है। इसके कारण बच्चा पेट में ही लैट्रिन कर देता है। ऐसे में अधिकतर बच्चों की मौत गर्भ में ही हो जाती है। इसके अलावा समय से पहले प्रसव का खतरा भी बना रहता है। चिकित्सकों की मानें तो गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगर सतर्क रहेंगी और उचित दिशा-निर्देश का पालन करेंगी तो अपने साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की भी जान सुरक्षित करेंगी।
इन बातों का रखें ध्यान
1-पेय पदार्थ को ज़्यादा से ज़्यादा अपने आहार में शामिल करें।
2-फलों का प्रयोग अधिक करें. न कर सकें, तो जूस, नींबू-पानी आदि पीएं
3-खाना-पीना बंद न करें, हल्का-फुल्का, कुछ न कुछ लेते रहे ताकि प्रतिरोधक क्षमता कम न होने पाए
4-घर पर आराम करें और अपने नज़दीकी डॉक्टर से सलाह लें
5-फुल स्लीव के कपड़े पहनें
गर्भवती महिलाओं के संक्रमित होने के इस बार अधिक मामले आ रहे हैं। ऐसे समय में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। अगर बुखार या बदनदर्द की शिकायत होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉ. अमृता चौरसिया, विभागाध्यक्ष, स्त्री रोग, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज।
अगर किसी गर्भवती महिला का प्लेटलेट एक लाख के नीचे पहुंच जाता है, तो कार्ड टेस्ट किया जाता है, वहीं पॉजिटिव आने पर महिला को एसआरएन के लिए रेफर कर दिया जाता है। डॉ. कजरी गुप्ता, प्रमुख अधीक्षका, जिला महिला चिकित्सालय, प्रयागराज।