संगम नोज पर मौनी अमावस्या को हुए हादसे के स्थल पर पहुंचे डीजीपी प्रशांत कुमार।
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भीड़ प्रबंधन के लिए लें विशेषज्ञों की राय
डीजीपी प्रशांत कुमार ने भी घटना को दुखद बताया। यह घटना सभी के लिए शाॅकिंग है। अब हमें बसंत पंचमी के अमृत स्नान को जीरो एरर बनाना है। इसके लिए यदि विशेषज्ञों की मदद लेनी हो तो ली जाए। डीजीपी ने कहा कि जिन स्थलों पर सर्वाधिक भीड़ है, वहां ज्यादा से ज्यादा अधिकारी फोर्स के साथ मौजूद रहें। बॉर्डर एरिया में एसपी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया जाए।
अमृत स्नान पर संगम नोज पर रोकनी होगी अधिक भीड़
मुख्य सचिव ने कहा कि आने वाले अमृत स्नान पर संगम नोज पर अत्यधिक भीड़ को जाने से रोकना होगा। लोगों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरीकेडिंग किए जाएं। डायवर्जन प्लान को लागू किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आए अनुभवी अफसरों संग मिलकर आगे की योजना बनाएं और तीर्थ यात्रियों के लिए अधिकतम सुविधाएं सुनिश्चित करें।
सफाई पर जोर, सैनिटेशन में लगे अफसर को न दी जाए दूसरी जिम्मेदारी
मुख्य सचिव ने सैनिटेशन को लेकर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेले के अंदर कहीं भी गंदगी नहीं होनी चाहिए। अधिकारी खड़े होकर साफ सफाई सुनिश्चित कराएं। पूरी टीम फील्ड पर नजर आनी चाहिए। अमृत स्नान के दौरान जो भी गंदगी हुई है, उसे तुरंत क्लियर किया जाए। मेले के बाहर शहर में भी साफ सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सैनिटेशन के काम में लगे अफसरों को कोई और जिम्मेदारी न दी जाए।
मौनी अमस्या पर थी पूरी तैयारी
बैठक में मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि मौनी अमावस्या के अमृत स्नान को लेकर पूरी तैयारी की गई थी। सभी पार्किंग सक्रिय थीं। रेलवे स्टेशन पर मूवमेंट योजना के अनुसार चल रहा था। जोनल प्लान लागू किया गया। सारे घाटों को भी उपयोग में गया। डायवर्जन प्लान को रात से ही लागू कर दिया गया था। आईसीसीसी का फीडबैक महत्वपूर्ण रहा। वसंत पंचमी के अमृत स्नान को लेकर लेकर पूरी योजना बनाई जाएगी। जोनल प्लान को भी लागू किया जाएगा। ताकि, जो जहां पर आए वहीं स्नान करे।
घायलों से मिले अफसर, कोई गंभीर नहीं
मुख्य सचिव और डीजीपी ने स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल पहुंचकर हादसे में हुए घायल स्नानार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने हर भर्ती स्नानार्थी से मुलाकात की तथा सुविधाओं की बाबत जानकारी ली। मुख्य सचिव ने बताया कि काेई भी स्नानार्थी गंभीर रूप से घायल नहीं है। उन्हें समुचित उपचार दी जा र ही है। हालांकि, के फ्रैक्चर हो गया है जिन्हें ठीक होने में तीन से चार सप्ताह लग जाएंगे। इस मुख्य सचिव ने अस्पताल प्रशाासन को निर्देश दिए कि इलाज में किसी तरह की कमी न रहने पाए। उन्होंने घायलों के परिजनों के लिए भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने घटना स्थल के साथ संगम पर देखी स्नान की व्यवस्था
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह तथा डीजीपी प्रशांत कुमार ने हादसे वाले स्थान का निरीक्षण करने के साथ संगम नोज पर स्नान व्यवस्था को भी देखा। साथ ही जरूरी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव, डीजीपी अन्य अफसरों संग संगम तट पर करीब आधा घंटे तक। उन्होंने मौनी अमावस्या के दिन हुए हादसे वाले स्थल को देखा। साथ ही हादसे के कारणों को समझने की कोशिश की। उन्होंने अफसरों को इससे सबक लेते हुए इंतजाम करने के निर्देश दिए। दोनों अफसरों ने मचान पर चढ़कर भी स्नान घाट, सर्कुलेटिंग एरिया करने के साथ स्नान व्यवस्था देखी।
समीक्षा बैठक में यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, एडीजी भानु भास्कर, कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, डीआईजी वैभव कृष्ण, एसएसपी राजेश द्विवेदी मौजूद रहे।