लालापुर के बघला गांव स्थित कराची में फंसे मर्चेंट नेवी के आफिसर के पिता का मकान
पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर पिछले छह महीनों से फंसे छह भारतीय नाविकों ने अपनी सुरक्षा और वतन वापसी के लिए भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है। जहाज के चीफ ऑफिसर लालापुर के बघला गांव निवासी विनीत किशोर मिश्र ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप कर वतन वापसी की गुहार लगाई है।
कराची पोर्ट के बर्थ नंबर 21 पर खड़े कार्गो जहाज एमवी केवर पर सवार मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर के पत्र के अनुसार, जहाज पर लगातार बिजली गुल (ब्लैकआउट) है, जिससे सुरक्षा का भारी संकट पैदा हो गया है। नाविकों का कहना है कि उनके पास राशन और आवश्यक सामान की भारी कमी हो गई है। कई सदस्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, पिछले 6 महीनों से उनका वेतन नहीं मिला है और उनके रोजगार अनुबंध भी खत्म हो चुके हैं।
अदालती कार्रवाई में फंसे नाविक
जानकारी के मुताबिक, यह जहाज 17 अप्रैल 2026 को ओमान से माल उतारने के बाद कराची पहुंचा था। इसके बाद जहाज पर कानूनी और कमर्शियल विवाद के चलते अदालती कार्रवाई शुरू हुई और जहाज को जब्त कर लिया गया। माल उतारने का काम पूरा होने के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट और सीमैन बुक्स अपने कब्जे में रखे हैं।
चीफ ऑफिसर विनीत किशोर मिश्र के पिता ललित किशोर मिश्र ने बताया कि बेटा पिछले दो महीनों से इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के संपर्क में हैं, लेकिन आश्वासन के बावजूद अब तक उनकी वापसी संभव नहीं हो सकी है। जहाज पर फंसे ऑफिसर की पत्नी नेहा मिश्र पति के वतन वापसी को लेकर अधिकारियों के चौखट पर भटकने को मजबूर है।