कार्यक्रम में मुख्य न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं केसाथ अपनी यादों को भी ताजा किया। कहा कि बार एसोसिएशन के माध्यम से ही काम करने की बेहतर समक्ष और जानकारी हुई। उन्होंने कहा कि बार केवरिष्ठ सदस्यों से प्राप्त होने वाले सुझाव व अनुभव आज भी प्रासंगिक हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा प्रदेश होने केनाते यहां लंबित मुकदमों की संख्या सबसे अधिक है। उनके निस्तारण के लिए सुनियोजित तरीके से काम किया जा रहा है। इसमें अधिवक्ताओं के सहयोग की जरूरत है। यह बातें मुख्य न्यायमूर्ति ने बृहस्पतिवार को कहीं। वह हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित स्वागत एवं अभिनंदन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
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कार्यक्रम में मुख्य न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं केसाथ अपनी यादों को भी ताजा किया। कहा कि बार एसोसिएशन के माध्यम से ही काम करने की बेहतर समक्ष और जानकारी हुई। उन्होंने कहा कि बार के वरिष्ठ सदस्यों से प्राप्त होने वाले सुझाव व अनुभव आज भी प्रासंगिक हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने कोविड-19 के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं पर मुख्य न्यायमूर्ति का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर, न्यायमूर्ति केजे ठाकर, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, बार एसोसिएशन केमहासचिव सत्यधीर सिंह जादौन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र, नीरज कुमार त्रिपाठी, सुरेंद्र नाथ मिश्र, धर्मेंद्र सिंह, सत्यम पांडेय, आशुतोष त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।