फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : चौधरी राकेश टिकैत बोले- पूंजीपति चला रहे हैं सरकार, किसानों को जमीन बेचने के लिए किया जा रहा बाध्य

Fri, 16 Jan 2026 02:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माघ मेले में आयोजित किसान महापंचायत में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि देश की सरकार व्यापारी चला रहे हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
चौधरी राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माघ मेले में आयोजित किसान महापंचायत में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि देश की सरकार व्यापारी चला रहे हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों के हित में ऐसा कानून बनाया जाए जिससे एमएसपी से नीचे कोई भी व्यापारी अनाज न खरीद सके। कहा कि सरकार के खिलाफ किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। खेती हमेशा से फायदे का सौदा रहा है। सरकार किसानों की जमीन को हड़पना चाहती है। कलम और कैमरे पर बंदूक का पहरा लगा है। 

विज्ञापन


राकेश टिकैत ने कहा कि माघ मेले में हर वर्ष किसान पहुंचते हैं और स्नान करने के बाद पंचायत में रणनीति तय करते हैं। पंचायत में छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा, उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश आदि सहित कई राज्यों से लोग आ रहे हैं। कहा कि सरकार यह साबित करने में लगी हुई है कि खेती-किसानी से नुकसान हो रहा है। इसलिए वह खेतों को बेचने के लिए दबाव बना रही है। फसल इतनी सस्ती कर दी गई है कि किसान यह मान लें कि खेती से कोई लाभ नहीं है और वह जमीन को बेच दें। 



किसान नेता ने कहा कि खेती किसानी कभी घाटे सौदा नहीं रहा है। यह सरकार की एक तरह से साजिश है। सरकार चाहती है कि अगर अनाज का मूल्य सही नहीं मिलेगा और किसानों की लागत नहीं निकलेगी वह खेती को घाटे का सौदा समझेंगे और जमीन को बेच देंगे। सरकार की पॉलिसी को समझने की जरूरत है। किसान यूनियन को कमजोर करने के लिए कई संगठन बना दिए गए हैं। सरकार की हमेशा से नीति रही है फूट डालो और राज करो। किसान यूनियन को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। सरकार व्यापारी चला रहे हैं जो दिखते नहीं हैं। देश को पहले हिंदू मुसलमान में बांटा अब किसानों को आपस में लड़ाकर उनकी लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा सके। 
विज्ञापन

किसानों को परेशान किया जा रहा है

राकेश टिकैत ने कहा कि माघ मेले में आयोजित किसान महापंचायत में आने वाले किसानों को परेशान किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ से आए किसानों को अलोपीबाग चुंगी से 200 मीटर दूर कार्यक्रम में आने के लिए नौ किलोमीटर घुमा दिया गया। मेले में भीड़ दिखाने के लिए किसानों और श्रद्धालुओं को इधर-उधर घुमाया जा रहा है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें