उतरांव थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव निवासी रामजी के पुत्र नागेंद्र कुमार (21) की नागपुर के जरी पटका थाने में मौत हो गई थी। शनिवार को शव घर पहुंचा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर उतरांव थाने पहुंचे और सैदाबाद-बलीपुर मार्ग पर जाम लगाकर विरोध किया।
परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। आक्रोशित लोगों का कहना था कि नागेंद्र की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ घंटे के लिए सैदाबाद-बलीपुर मार्ग को भी जाम कर दिया था। पुलिस ने समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध जता रहे परिजन एवं ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
बता दें कि किशोरी को भगाने के मामले में नागेंद्र वांछित चल रहा था। किशोरी को उसके घर से बरामद किया गया था। 18 जनवरी को महाराष्ट्र पुलिस उसे नागपुर ले गई। 22 जनवरी को महाराष्ट्र पुलिस ने नागेंद्र के घर पर सूचना की दी उसने हवालात में फंदे से लटककर जान दे दी।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस हिरासत में नागेंद्र की मौत हुई है। अगर वह दोषी था तो उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाना चाहिए था। मृतक के पिता राम जी ने मामले में महाराष्ट्र पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
वहीं विरोध के दौरान ग्रामीणों ने उतरांव थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर गाड़ी तोड़ने और मारपीट करने गाली गलौज करने का भी आरोप लगाया है। सूचना पर हंडिया के विधायक हाकिम लाल बिंद भी थाने पहुंचे और पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा जताया। इसके बाद परिजन शव को लेकर घर चले गए। पीड़ित परिजनों के घर भाजपा गंगापार जिला अध्यक्ष निर्मला पासवान भी पहुंचीं। थाना अध्यक्ष उतरांव प्रीतम कुमार तिवारी ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के कार्रवाई की जाएगी।