इलाहाबाद। सांसदों के धरने पर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव के बहाने सपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के इशारे पर आयोग अध्यक्ष ने भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा के पेपर लीक के खुलासे पर भी संदेह जताया। कहा, बड़े मगरमच्छों को बचाने के लिए एसटीएफ ने छोटी मछलियों को पकड़ने का काम किया। अनिल यादव पर उन्होंने सर्वाधिक स्तरहीन आयोग अध्यक्ष होने की तोहमत भी मढ़ी। साथ ही ऐलान किया कि आयोग की भर्तियों में गड़बड़ी के खिलाफ सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ माहौल खड़ा किया जाएगा।
15 अप्रैल की रात 10 बजे से डीएम आवास पर धरने पर बैठे सांसदों विनोद सोनकर और केशव प्रसाद मौर्य के समर्थन में शुक्रवार की शाम करीब सात बजे प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे। उन्होंने सीधे आयोग अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को निशाने पर रखा। कहा, आयोग अध्यक्ष अनिल यादव जब से आए हैं विवादों से ही जुड़े हुए हैं। पूरे कार्यकाल के 36 निर्णय हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। ईमानदारी से काम नहीं किया।
अयोग्य व्यक्ति को अधिक काम मिल जाने से न्याय की आस गुम हो गई है। अध्यक्ष का कानून, ईमानदारी से वास्ता नहीं है। उनके पूरे कार्यकाल की फाइलें अगली सरकार में खुलेंगी तो उनका जेल जाना तय है। एक पर्चा आउट हुआ तो दूसरा भी संदिग्ध ही माना जाएगा। आरोप लगाया कि आयोग अध्यक्ष को प्रदेश के मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। इसीलिए वह सीबीआई जांच का प्रस्ताव नहीं भेज रहे हैं।
लक्ष्मीकांत ने कार्यकर्ताओं से अक्लमंदी से काम लेने को कहा। सीख दी कि रोज-रोज सड़क पर न उतरें। आयोग मामले में न्याय न मिलने तक क्रमिक अनशन चलाएं। इस आंदोलन को सभी जिला मुख्यालयों पर भी शुरू कराया जाएगा। साथ ही लखनऊ और दिल्ली में भी इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। इसके पहले काशी प्रांत के महामंत्री प्रभाशंकर पांडेय ने आरोप लगाया कि अनिल यादव ने सपा मुखिया के परिजनों को गैर कानूनी तरीके से लाभ पहुंचाया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने आयोग अध्यक्ष और प्रदेश सरकार पर लोकोक्तियों के जरिए तंज कसे और तीखे वार किए। आयोग अध्यक्ष पर निशाना साधा और बोले, ‘सैंया भये कोतवाल, तो डर काहे का’, ‘बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी’। धरना-प्रदर्शन पर अब तक कार्रवाई न होने को लेकर जिला प्रशासन और शासन पर तंज कसे, ‘भैंस के आगे बीन बजाए, भैंस खड़ी पगुराय’ और ‘अंधे के आगे रोए आपन दीदा खोये’। उनकी इस तीखी शैली पर खूब तालियां भी बजीं।
आयोग के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को समझाने में डॉ वाजपेयी को पसीने छूट गए। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे छात्रों के एक गुट ने भाषण के दौरान सवाल दागे तो वह बोले, वाद-विवाद करने नहीं आया हूं। गृहमंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से बात की है। सीबीआई जांच केवल दो ही स्थितियों में संभव है। जांच के लिए न्यायालय आदेश दे या प्रदेश सरकार प्रस्ताव भेजे। कहा, इस मुद्दे को जिंदा रखेंगे।
जांच होगी और अध्यक्ष अनिल यादव को जेल जाने से कोई नहीं रोक सकता। भाषण के बाद भी छात्रों ने सवाल पूछने की कोशिश की लेकिन मुद्दे से भटकने के कारण प्रदेश अध्यक्ष ने जवाब नहीं दिया। सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ है और आगे भी रहेगी। छात्रों का कहना था कि केंद्र सरकार कैबिनेट के जरिए प्रस्ताव लाकर अनिल यादव के खिलाफ कार्रवाई करे। राज्यपाल को भी इसके लिए निर्देशित करेे। छात्रों के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात के बाद भी राज्यपाल ने कोई कदम नहीं उठाया है। इसे लेकर सभा स्थल पर माहौल बिगड़ने का अंदेशा बन गया था।
प्रदेश अध्यक्ष ने धरने पर बैठे सांसदों विनोद सोनकर और केशव प्रसाद मौर्य को कहा कि पूरे मुद्दे को 20 अप्रैल से सदन की बैठक के ठीक पहले होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री के संज्ञान में ले आएं। इसके बाद लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाएं। इसके लिए कानपुर के सांसद डॉ मुरली मनोहर जोशी से भी चर्चा हो चुकी है। कहा, विधानसभा में भी लोक सेवा आयोग में भ्रष्टाचार और भर्तियों में गड़बड़ी के मुद्दे को उठाया जाएगा।
सांसद विनोद सोनकर ने कहा कि धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार के मामले में वह विशेषाधिकार हनन का मामला सदन में उठाएंगे। दोषी अफसरों को इसके लिए नोटिस दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने भी इसका समर्थन किया। कहा, दुर्व्यवहार के आरोपी अफसर घुटनों के बल दौड़कर जाएंगे। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव के लिखित माफीनामा का उदाहरण भी दिया।
प्रदेश अध्यक्ष की सलाह के बाद दो दिनों से रात में भी चलने वाला प्रदर्शन बंद हो जाएगा। सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शनिवार से केवल दिन में क्रमिक अनशन चलेगा। साथ ही प्रदर्शन में सांसद नहीं रहेंगे। सदन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए सांसद दिल्ली जा रहे हैं। कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे।
सांसद के साथ दुर्व्यवहार मामले में आरोपी दारोगा बीआर बिंद को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभा में इसका ऐलान किया। कहा, अन्य अफसरों पर जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा जिला प्रशासन ने दिया है।