बतातें चले कि बीते डेढ़ महीने से जंजीर छिनैती की घटनाओं ने महिलाओं को डरा रखा था। स्कूटी एवं बाइक सवार चेन स्नेचरों ने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। पुलिस लगातार इनकी तलाश कर रही थी, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। इनको पकड़ने के लिए इलाकाई पुलिस के अलावा गंगापार एवं यमुनापार की एसओजी टीम, रिजर्व पुलिस लाइन की फोर्स तक लगा दी गई थी।
शनिवार को एसओजी यमुनापार एवं नैनी पुलिस अरैल रोड पर गश्त के दौरान रात में करीब साढ़े सात बजे डीपीएस से पहले देवरख तिराहे पर एक संदिग्ध स्कूटी सवार जाता दिखा। पुलिस टीम ने रोकना चाहा तो वह भागने लगा। पीछा करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। उसने 315बोर के तमंचे से तीन गोली चलाईं। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। जिससे वह स्कूटी समेत वहीं गिर गया।
उसे पकड़कर पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम अभिनव शर्मा पुत्र दिलीप शर्मा निवासी मीरापुर, अतरसुइया बताया। उसके पास से एक तमंचा, दो कारतूस व तीन खोखा के अलावा एक प्लेजर स्कूटी बिना नंबर की मिली है। जिसमें आगे डिफेंस लिखा हुआ है। सीओ करछना सोमेंद्र मीणा ने बताया कि अभी जो हालिया पूछताछ हुई है उसमें उसने 12 चेन छिनैती की घटनाए कारित करना स्वीकार किया है। बाकी उसे इलाज के लिए भेजा जा रहा है। पूछताछ के बाद अन्य चीजे खुलेंगी। उसके साथी के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।