इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के साथ ही बॉडी बार्न कैमरे से लैस बंदी रक्षकों की फुटेज को भी देखा गया। घंटों चले तलाशी अभियान में बैरकों में जाकर जांच की। शासन की सख्ती को देखते हुए जेल प्रशासन भी काफी सख्त रूख अपनाए हुए है। माफिया अतीक के गुर्गों को चिह्नित कर उन्हें अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट किया जा रहा है। साथ ही उनकी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। जेल प्रशासन अतीक के बेटे अली अहमद, मुख्तार के साले आतिफ रजा, सदाकत अली के साथ अन्य को हाई सिक्योरिटी सेल में सीसीटीवी कैमरे की नजर में रखे हुए है।
अतीक के गुर्गों की बैरक में लंबरदारों के जाने पर लगाया गया प्रतिबंध
जेल प्रशासन जेल के अंदर बंद अतीक के गुर्गों की बैरकों पर लंबरदारों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी के साथ ही पुराने बंदी रक्षकों को रोक लगाई गई है। शासन द्वारा लगातार निगरानी होने के कारण जेल प्रशासन काफी सर्तक हो गया है। उसे अंदेशा है कि लंबरदार कही अतीक से जुड़े किसी व्यक्ति को किसी तरह का कोई फायदा न पहुंचा दे। वहीं पुराने बंदी रक्षकों पर भी रोक लगाने के साथ उनपर भी निगाह रखी जा रही है।
सुबह-शाम अधिकारी बैरकों की कर रहे तलाशी
माफिया अतीक के बेटे अली अहमद, मुख्तार के साले आतिफ रजा, सदाकत अली, दिनेश पासी, खान सौलत हनीफ, अरशद कटरा, नियाज अहमद, मोहम्मद सजर, कैश अहमद, राकेश कुमार, फैज अहमद, अकबर, फुरकान सहित अन्य की बैरक की सुबह शाम तलाशी की जा रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के साथ ही जेल अधिकारी भी इनकी बैरकों की तलाशी कर रहे है। वहीं इनकी बैरकों में लगे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के लिए बंदी रक्षकों को लगाया गया है।
चिह्नित अतीक के गुर्गों की एलआईयू के सामने हो रही मुलाकात
नैनी। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक के गुर्गों की मुलाकात को लेकर भी सख्ती की गई है। जेल प्रशासन ने गुर्गों के साथ 22 कुख्यात अपराधियों को चिह्नित कर उनकी मुलाकात एलआईयू के सामने करा रही है। सूत्रों की माने तो इसमें एक दर्जन अपराधी अतीक गैंग से जुड़े हुए है। एक माह पहले ही जेल प्रशासन ने इन सब की पूरी डिलेट जेल मुख्यालय व जिला प्रशासन को भेजी थी।