बिहार ब्लाक में अभिलेखों की जांच करती नेशनल लेवर मानीटरिंग टीम।
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फकेंद्रीय जांच टीम ने बिहार ब्लाक में पहुंचकर अभिलेखों की सघन जांच की। इसके साथ ही छह गांव के लोगों से योजनाओं के बारे में पूछताछ करते हुए सीधे संवाद किया। इस दौरान गांव के लोगों से योजनाओं के क्रियान्वयन में लिए गए अनुचित लाभ के बारे में जानकारी हासिल की गई। हालांकि टीम इसकी जानकारी सार्वजनिक करने से बचती रही।
विकासखंड बिहार में शनिवार को 10 बजे केंद्रीय जांच टीम पहुंच गई। इसके बाद ब्लाक के गांव में कराए गए कार्यों के अभिलेखों की सघन जांच की गई। इस दौरान नेशनल लेवल मानिटर डा. मीनाक्षी हुड्डा ने मनरेगा, 14वां वित्त, आवास, एनआरएलएम, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन सहित सभी योजनाओं के बारे में लाभार्थियों से सीधे संपर्क करके जानकारी प्राप्त की। यहां तक कि ब्लाक परिसर में अभिलेखों का सघन निरीक्षण किया।
टीम ने लाभार्थियों से विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी होने के बारे में भी जानकारी की। डा. मीनाक्षी हुड्डा लाभार्थियों से एकांत में बात करने का प्रयास करतीं दिखीं। टीम के आने से ब्लाककर्मियों के पसीने छूट गए। पूरे ब्लाक परिसर में हडक़ंप मचा रहा। हर कोई टीम किस गांव में जाएगी इसकी जानकारी करने का प्रयास करता रहा।
शाम सवा चार बजे तक टीम ब्लाक मुख्यालय पर डटी रही। टीम ने फूलपुर मौरी, उमरी बुजुर्ग, चकवड़, महमदपुर भाव, मलाक तिल्हाई, ऐमा जाटोपुर के लाभार्थियों से सीधे संवाद किए। टीम के प्रभारी डा. मीनाक्षी हुड्डा ने मीडिया कर्मियों से कहा कि उन्हें केंद्र सरकार को इसकी गुप्त रिपोर्ट देनी है।
इसके चलते वह जांच के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकतीं। केंद्र सरकार की योजनाओं को पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना ही जांच का मुख्य उद्देश्य है। हालांकि इस दौरान ब्लाक में कई प्रतिनिधि परेशानी में पड़े दिखे।