रविवार को 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान, चहुंदिश जप-तप-ध्यान
प्रयागराज। माघ मेला केपांचवें व अंतिम स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर पुण्य की डुबकी तो रविवार को लगेगी, लेकिन शनिवार को ही संगम पर लाखों श्रद्धालु पहुंच गए। शाम चार बजे पूर्णिमा तिथि लगी, लेकिन इससे पूर्व ही संगम पर स्नान-दान आरंभ हो गया। सभी सेक्टरों के मार्गों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मेला प्रशासन ने पर्व पर 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने का अनुमान लगाया है।
माघी पूर्णिमा शनिवार की शाम चार बजे ही लग गई थी। ऐसे में सुबह से ही संगम पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ने लगा था। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से लेकर संगम जाने वाली हर सड़क पर लोगों के सिर पर भक्तिभाव की गठरी नजर आने लगी। संगम जाने वाले मार्गों पर लोग दिन भर एक-दूसरे का हाथ थामकर बढ़ते, बिछड़ते और उसी भीड़ में मिलते रहे। हर तरफ माघी पूर्णिमा पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ ही नजर आई। दूर-दराज के इलाकों से आए बड़ी तादाद में श्रद्धालु त्रिवेणी में स्नान के बाद रवानगी भी करते रहे। रात आठ बजे के बाद माघी पूर्णिमा स्नान के लिए आस्थावानों की भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। मेलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्र ने बताया कि अंतिम स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
आठ किमी लंबे संगम के 20 घाटों पर होगा माघी पूर्णिमा का स्नान, सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 174 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
माघी पूर्णिमा से पहले शनिवार की सुबह त्रिवेणी पांटून पुल बंद कर दिया गया। इससे ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहनों से श्रद्धालु पुल नंबर चार गंगोली शिवाला की ओर से लंबी दूरी तय कर शहर की ओर निकलने के लिए मजबूर हुए। इस दौरान संगम जाने वाले मार्गों पर काफी देर तक जाम भी रहा रहा। हालांकि शाम को इस पुल पर यातायात चालू हुआ, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
माघी पूर्णिमा पर अक्षयवट-सरस्वती कूप में दर्शन बंद
प्रयागराज। माघी पूर्णिमा स्नान पर्व को देखते हुए शनिवार की शाम मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया। भीड़ को देखते हुए रविवार को इन दोनों तीर्थों में भक्त प्रवेश नहीं कर सकेंगे।