इनररिंग रोड परियोजना की उपयोगिता रिपोर्ट पर केंद्र ने भरी हामी
प्रयागराज केविकास की अबतक की सबसे बड़ी परियोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त
एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव किया तैयार, प्राथमिकता सूची जारी होने का इंतजार
प्रयागराज। पांच हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इनर रिंग रोड परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय ने हामी भर दी है। इसके लिए एनएचएआई और जिलाधिकारी की ओर से भेजी गई उपयोगिता रिपोर्ट पर सहमति जताई गई है। इससे अब प्रयागराज के विकास की अब तक की इस सबसे बड़ी परियोजना को नए सिरे से प्राथमिकता सूची में शामिल किए जाने के आसार बढ़ गए हैं। एनएचएआई के अफसरों ने सोमवार को इनर रिंग रोड परियोजना को गति देने के लिए दिशा निर्देश मिलने की पुष्टि की। लेकिन, यह भी कहा कि इसके लिए प्राथमिकता सूची जारी होने का इंतजार है। बीते दिनों इस परियोजना को केंद्र की प्राथमिकता सूची से बाहर किए जाने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की थी।
केंद्र सरकार की ओर से इस परियोजना को प्राथमिकता सूची में फिर से शामिल करने के लिए हामी भरने के बाद एनएचएआई ने सर्वे और भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्राथमिकता सूची जारी होते ही ऑन लाइन भूमि सर्वे और अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। अफसरों की मानें को डिप्टी सीएम ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से मिलकर इस परियोजना को प्रयागराज के विकास के लिए जरूरी बताया था। गडकरी से डिप्टी सीएम की मुलाकात के बाद ही इस परियोजना को नए सिरे से प्राथमिकता सूची में शामिल करने पर मंत्रालय में सहमति बनी है। परियोजना के एनलाइनमेंट के मुताबिक कौड़िहार से सहसो तक इनर रिंग रोड बनाई जानी है। 68 किमी लंबी इस फोर लेन इनर रिंग रोड के किनारे आठ नए टाउनशिप बसाने की भी परिकल्पना की गई है। इस इनर रिंग रोड पर गंगा -यमुना पर तीन नए पुल और सात आरओबी भी प्रस्तावित हैं। इसे शहर से कटे गंगा-यमुना के कछारी इलाके से होकर कौड़िहार के पास सलहा से पुराने एनएच-2 से होकर दांदूपुर से निकाला जाएगा। इसके बाद महुआरी और सरस्वती हाईटेक सिटी के बीच से होकर अंदावा होते हुए इसे सहसो के पास मिलाने की योजना तैयार की गई है।
इनर रिंग रोड परियोजना के लिए दिशा निर्देश उनको मिल गया है। भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। प्राथमिकता लिस्ट आते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचआई।