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हाईकोर्ट : पड़ोसी के घर की निजता भंग करने के लिए नहीं लगा सकते सीसीटीवी कैमरा, डीएम को कार्रवाई का निर्देश

Tue, 03 Nov 2026 01:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति अपने निजी सीसीटीवी कैमरे को इस तरह नहीं लगा सकता, जिससे पड़ोसी की निजता प्रभावित हो। पड़ोसी के घर में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली स्थिति में सीसीटीवी कैमरे की स्थापना निजता के अधिकार में हस्तक्षेप है।
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सीसीटीवी। - फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति अपने निजी सीसीटीवी कैमरे को इस तरह नहीं लगा सकता, जिससे पड़ोसी की निजता प्रभावित हो। पड़ोसी के घर में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली स्थिति में सीसीटीवी कैमरे की स्थापना निजता के अधिकार में हस्तक्षेप है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने आजमगढ़ निवासी योगेंद्र मौर्य की याचिका पर की।

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याची का आरोप था कि उसके पड़ोसी ने सीसीटीवी कैमरा इस तरह लगाया है कि उसके घर में आने और बाहर जाने का रास्ता निगरानी में आ गया है। इससे उसके घर आने-जाने वाले लोगों की निजता प्रभावित हो रही है।

कोर्ट ने मामले के तथ्यों पर विचार करते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी निजी सीसीटीवी कैमरा इस तरह स्थापित नहीं किया जा सकता, जिससे पड़ोसी की निजता में हस्तक्षेप हो। कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए याची को संबंधित डीएम के समक्ष प्रार्थना पत्र देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि याची आवेदन प्रस्तुत करता है तो डीएम एक माह के भीतर उस पर विचार कर निर्णय लें।

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