केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2019-20 शैक्षिक सत्र के लिए पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सीबीएसई ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में कई छात्रों में गणित में कम अंक मिलने का डर देखते हुए उन्हें गणित के प्रश्न पत्र में बेसिक और स्टैंडर्ड का विकल्प दिया जाएगा।
नए पाठ्यक्रम में छात्रों के पास दसवीं में मैथ पढ़ने के दो विकल्प होंगे। जो छात्र ग्यारहवीं-बारहवीं में मैथ नहीं लेना चाहते उनके लिए बेसिक मैथ का विकल्प होगा जबकि, आगे की कक्षाओं में मैथ का विकल्प चुनने वाले छात्रों के पास स्टैंडर्ड मैथ का विकल्प होगा। इसी के अनुरूप प्रश्न पत्र मिलेगा।
कामर्स एवं मानविकी की चाह रखने वालों को होगा लाभ
सीबीएसई की ओर से दसवीं के छात्रों को बेसिक और स्टैंडर्ड मैथ का विकल्प दिए जाने का सबसे अधिक लाभ ग्यारहवीं और बारहवीं में मैथ के बजाय बायो, कामर्स अथवा मानविकी लेकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को मिलेगा। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो का कहना है कि ऐसे छात्र दसवीं में बेसिक मैथ पढ़कर दूसरे विषयों की बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
वहीं, दसवीं में स्टैंडर्ड मैथ पढ़ने वाले को गणित पर अधिक समय देना होगा। बताया कि बच्चों को इसके लिए अलग से पढ़ाना नहीं पड़ेगा। बोर्ड परीक्षा के दौरान उन्हें बेसिक और स्टैंडर्ड मैथ के अलग-अलग प्रश्नपत्र डिमांड के आधार पर दिए जाएंगे।