औद्योगिक थाना क्षेत्र के विश्वंभरपुर गांव में स्थित देव प्रयाग पेपर मिल में गुरुवार को बैक वाटर टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस निकलने से एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने में तीन अन्य कर्मी भी बेहोश हो गए। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने कंपनी घेर ली। अफसर वहां से भाग निकले। पुलिस ने किसी तरह समझा बुझाकर उन्हें शांत किया। ग्रामीणों का आरोप था कि बिना सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
देव प्रयाग पेपर मिल में करीब 150 कर्मचारी एवं ठेकेदार के 150 लोग कार्यरत हैं। कुछ दिन से बंद कंपनी में पिछले तीन दिनों से सफाई कराई जा रही थी। फैक्ट्री में एक करीब 12 से 15 फीट गहरा बैक वाटर टैंक बना हुआ है। कर्मचारी पप्पू व विमिलेश कुमार ने बताया कि इस टैंक में कागज की रीसाइकिलिंग के दौरान निकलने वाला पल्प (केमिकल युक्त कचरा) जमा होता है। गुरुवार को शिफ्ट इंचार्ज सूर्य मणि मिश्रा के कहने पर कर्मचारी कृपाशंकर यादव (32) पुत्र राजपति यादव निवासी भेलपुर शुक्लपुर, मेजा, धीरेंद्र कुमार कुशवाहा (35) पुत्र लाल बहादुर कुशवाहा, अरविंद कुमार निवासी मेजा व पप्पू मिलकर उसी टैंक की सफाई कर रहे थे। कृपाशंकर यादव टैंक पर चढ़कर पाइप से पानी डाल रहा था।
फोर्स से पानी टैंक में जैसे ही गिरा, बड़ी तेजी से उसमें धुएं की शक्ल में जहरीली गैस निकलने लगी। कृपाशंकर टैंक में गिरकर बेहोश हो गया। उसे गिरता देख उसके साथी धीरेंद्र, अरविंद और पप्पू उसे बचाने पहुंचे तो वह भी जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए। इससे कंपनी में खलबली मच गई। आनन-फानन में सभी को उपचार के लिए पास के नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां कृपाशंकर को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। धीरेंद्र कुमार को शहर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही कृपा शंकर तथा अन्य कर्मचारियों के परिजन भी पहुंच गए।
पता चलने पर गांव घर से सैंकड़ों लोग भी जमा हो गए और कंपनी में हंगामा शुरू कर दिया। किसी तरह से समझा बुझाकर उन्हें हटाया गया। इसके बाद थाने में भी ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी तरह से शांत कराया, फिर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। इंस्पेक्टर औद्योगिक क्षेत्र महेश सिंह ने बताया कि शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीड़ित परिवारों ने आपसी सुलह कर ली है।