cbi investigation stalled due to corona
कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच भी पूरी तरह से ठप हो गई है। पीसीएस-2015 में कॉपियों को नष्ट किए जाने का मामला सामने सामने आने के बाद सीबीआई ने इस मामले में व्यापक पैमाने पर पूछताछ की तैयारी की थी, लेकिन देश में लॉकडाउन होने के बाद सीबीआई कैंप कार्यालय में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
सीबीआई ने पीसीएस-2015 में कॉपी नष्ट किए जाने के मामले में आयोग के पूर्व सचिव से कई दिनों तक पूछताछ की थी। मामला इतना गंभीर था कि विदेश में रह रहे पूर्व सचिव को सीबीआई ने पूछताछ के लिए तलब कर लिया था और पूर्व सचिव के भारत पहुंचने के बाद उनसे लगातार एक हफ्ते तक पूछताछ भी हुई। इस दौरान सीबीआई को कई सुराग हाथ लगे। कॉपियां नष्ट किए जाने के साथ ही सीबीआई ने एक और अनियमितता पकड़ी थी, जिसमें इंटरव्यू में दिए गए अंकों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। सीबीआई को जांच में पता चला था की पीसीएस-2015 के दौरान इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष ने जो नंबर दिए, उन नंबरों के साथ बाद में छेड़छाड़ हुई और इसमें तत्कालीन सचिव की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
यह मामला सामने आने के बाद और तत्कालीन सचिव से पूछताछ के आधार पर सीबीआई ने आयोग के कई पूर्व एवं वर्तमान अफसरों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी। साथ ही आयोग के छह अफसरों को दिल्ली स्थित मुख्यालय में तलब कर लिया था। होली से पहले मुख्यालय में दो अफसरों से पूछताछ की गई और बाकी को होली के बाद बुलाया गया था। सीबीआई अपनी जांच आगे बढ़ाती, इससे पहले कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने लगा और कुछ अफसर पूछताछ के लिए दिल्ली नहीं जा सके। अब पूरे देश में लॉक डाउन हो गया है। ऐसे में सीबीआई कैंप कार्यालय में भी शिकायत कर्ताओं का प्रवेश रोक दिया गया है।
साथ ही जिन लोगों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय और यहां गोविंदपुर में सीबीआई के कैंप कार्यालय में तलब किया गया था, उन्हें भी अब बाद में आने के लिए कहा गया है। सीबीआई कैंप कार्यालय में फिलहाल सन्ना पसरा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि परीक्षाओं से जुड़े अभिलेखों की जांच तो चल रही है, लेकिन बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया रोक दी गई है। देश में लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ही सीबीआई पूछताछ की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।