भूपेंद्र ने खुद के खिलाफ भी दारागंज थाने में फर्जी केस दर्ज कराने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने पिछले महीने इन मुकदमों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। साथ ही प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दो महीने के भीतर सौंपने का आदेश दिया था।
जिले के अलग अलग थानों में दर्ज 46 फर्जी मुकदमों की जांच में जुटी सीबीआई की टीम ने बृहस्पतिवार को कई लोगों से पूछताछ की। थानों से दस्तावेज लिए गए। सीबीआई इन मुकदमों के विवेचकों से भी पूछताछ करेगी। अधिवक्ता भूपेंद्र पांडेय ने हाईकोर्ट में आरोप लगाया था कि वकीलों का एक गैंग है जो झूठे केस दर्ज कराकर मुकदमा वापसी के नाम पर अभियुक्तों से धनउगाही कर बंटवारा कर लेता है। पीड़िता के अनुसूचित जाति का होने के कारण सरकार से धन भी मिलता है।
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भूपेंद्र ने खुद के खिलाफ भी दारागंज थाने में फर्जी केस दर्ज कराने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने पिछले महीने इन मुकदमों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। साथ ही प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दो महीने के भीतर सौंपने का आदेश दिया था।
सीबीआई की एक टीम ने बुधवार को मऊआइमा थाने से 24 मुकदमों के दस्तावेज लिए। इसके अलावा शिवकुटी, बहरिया, सोरांव व नवाबगंज थाने से भी मुकदमों से संबंधित दस्तावेज एकत्र किए गए। इसके साथ ही उन 46 मुकदमों से संबंधित दस्तावेज भी कब्जे में ले लिए, जिनके संबंध में आशंका है कि इन्हें धनउगाही व पेशबंदी के मकसद से दर्ज कराया गया।
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सीबीआई की टीम ने बृहस्पतिवार को इन मुकदमों से जुड़े तमाम लोगों से पूछताछ की। इन मुकदमों के वादी, विवेचक, आरोपी और गवाहों की सूची तैयार की गई है। सरकार से अब तक कितने लोगों ने मुकदमों के कारण लाभ लिया है। इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है।