पंढेर के वकील ने कहा कि निठारी कांड से पंढेर का वास्ता इतना ही है कि कोली उसका नौकर था। सीबीआई ने खुद पंढेर को बतौर आरोपी कोर्ट में तलब किए जाने का विरोध किया था। विवेचक व तत्कालीन सीओ दिनेश यादव ने भी बयान में स्वीकार किया है कि पंढेर की निशानदेही पर कोई बरामदगी नहीं हुई। हालांकि, सीओ ने कोली के रिमांड प्रार्थना पत्र में अभियुक्तगणों (यानी कोली के साथ पंढेर) की निशानदेही पर माल बरामदगी का जिक्र किया है।
वकील के मुताबिक, पंढेर ने कोई इकबालिया बयान नहीं दिया। सीरियल किलिंग के दौरान भी उसकी मौजूदगी नोएडा में नहीं पाई गई। जांच एजेंसी ने खुद इसके साक्ष्य जुटाए हैं। वकील ने दावा किया कि पंढेर को उसकी ऐशोआराम वाली जीवनशैली के कारण कोली के उत्तेजित होने की कल्पना के आधार पर सह अभियुक्त बना दिया गया है, जबकि कोली के किसी भी अपराध में उसकी कोई भूमिका नहीं है।