आरओ/एआरओ परीक्षा-2016 की सीबीसीआईडी जांच की रिपोर्ट जल्द आ सकती है। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपने स्तर से भी प्रयास तेज कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट न आने के कारण आयोग परीक्षा को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। आयोग के प्रतिनिधियों ने अब मुख्य सचिव को इससे अवगत करा दिया है और मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किए हैं कि सीबीसीआईडी जांच जल्द पूरी कर अपनी रिपोर्ट दे।
आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 का पहला पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। परीक्षा 27 नवंबर 2016 को हुई थी। प्रतियोगियों ने पेपर आउट होने पर परीक्षा निरस्त करने की मांग की थी, लेकिन आयोग मानने को तैयार नहीं था कि पेपर आउट हुआ है। आयोग ने मुकदमा भी दर्ज नहीं कराया था। बाद में न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ और एसटीएफ ने इसकी जांच शुरू की। कुछ दिनों बाद जांच सीबीसीआईडी के हाथ में आ गई, लेकिन रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई। कुल 361 पदों के लिए हुई इस परीक्षा में दो लाख तीन हजार दो सौ सोलह अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इन सभी अभ्यर्थियों को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पेपर व्हाट्सएप पर कैसे वायरल हो गया।
आयोग को भी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पेपर आउट हुआ था या नहीं, जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट होने के बाद ही आयोग परीक्षा को लेकर कोई निर्णय ले सकता है। उधर, अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि परीक्षा निरस्त कर पुनर्परीक्षा कराई जाए और उस परीक्षा में शामिल हुए जो अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं, उन्हें एक अतिरिक्त मौका दिया जाए। इस मामले में आयोग जगदीश का कहना है कि पिछले दिनों उन्होंने मुख्य सचिव को इस पूरे मामले से अवगत कराया है। मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव गृह से कहा है कि सीबीसीआईडी को जांच जल्द पूरी करने के निर्देश जारी करें ताकि स्पष्ट हो सके कि पेपर आउट हुआ था या नहीं, क्योंकि आयोग इसी आधार पर परीक्षा को लेकर कोई निर्णय लेगा।