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पशुपालकों ने शहर के चारों ओर मांगी कैटिल कालोनी

Mon, 04 Sep 2017 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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इलाहाबाद
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नगर निगम द्वारा नोटिस दिए जाने से खफा पशु पालकों ने रविवार को कहा कि वे कैटिल कालोनी जाने को तैयार है, लेकिन निगम प्रशासन शहर के चारों ओर तरफ कैटिल कालोनी बनाए जाने की व्यवस्था करे। कहा गया कि अभी अरैल और फाफामऊ में ही नगर निगम द्वारा कैटिल कालोनी बनाने की बात कही गई है। निगम प्रशासन झूंसी के साथ शहर पश्चिमी के झलवा या किसी अन्य स्थान पर भी कैटिल कालोनी की व्यवस्था करे।
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अलोपीबाग स्थित रामलीला मैदान में पशुपालक संघ दुग्ध विक्रेता की ओर से आयोजित सभा में पशुपालकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की कैटिल कालोनी में हर एक पशुपालक को 200-200 गज के प्लॉट दिए जाएं। मौजूदा समय फाफामऊ और अरैल स्थित कैटिल कालोनी में अभी तक निगम प्रशासन की ओर से पशुपालकों की सहूलियत के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। साथ ही दोनों ही कालोनी में जो प्लॉट आवंटित किए जाने हैं वह काफी छोटे हैं। संबंधित कालोनी में बिजली, पानी, शेड और पक्के रास्ते की भी व्यवस्था की जाए। कहा गया कि उन्हें जो प्लॉट आवंटित किए जाने हैं वहां शेड और  बाउंड्रीवाल नगर निगम द्वारा बनवा के दी जाए। इसका आधा खर्चा निगम प्रशासन ही वहन करे। सभा में आरोप लगाया गया कि नगर निगम द्वारा उन प्रशासनिक अफसरों को नोटिस नहीं दिया गया है जो अपने बंगले में पशु पाल रहे हैं। पशुपालक संघ के पदाधिकारी लाल जी यादव ने कहा कि इन मांगों को लेकर पशुपालकों का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार सात सितंबर को जिलाधिकारी से मुलाकात करेगा। सभा में संघ के उपाध्यक्ष संतोष यादव, विजय यादव, कुलदीप यादव, रमेश यादव, राजेंद्र यादव, कल्लू यादव, बदरे आलम, धन्नू बाबा आदि मौजूद रहे।

निगम प्रशासन सख्त, अब कार्रवाई की चेतावनी
नगर निगम ने एक बार फिर से पशुपालकों को चेतावनी दी है। नगर निगम की ओर से कहा गया है कि पशुपालक कैटिल कालोनी में अपने पशु ले जाए, नहीं तो अब कार्रवाई होगी। नगर निगम के पशुधन विभाग की ओर से कहा गया है कि पशुपालक अरैल और फाफामऊ स्थित कालोनी में पशुपालन के लिए भूखंड आवंटित करवा ले। पशुधन अधिकारी के अनुसार अरैल में 106 प्लॉट एवं फाफामऊ में 61 प्लॉटों का आवंटन के लिए चार अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं। अगर भूखंड आवंटन न कराया तो जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन बल पूर्वक पशुओं को जब्त करते हुए दस हजार रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूला जाएगा।
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