माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड एवं उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भंग कर नए आयोग के गठन को लेकर असमंजस बरकरार है। चयन बोर्ड की एकमात्र बची सदस्य आशा लता के इस्तीफा देने से इंकार करने पर नए आयोग के गठन में अड़चन खड़ी हो सकती है। ऐसे में वर्ष 2011 टीजीटी, पीजीटी के शेष विषयों का परिणाम, 2016 की परीक्षा समेत अन्य प्रक्रिया शुरू होने में विलंब हो सकता है। इसे लेकर अभ्यर्थी लामबंद हो गए हैं और अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग को लेकर चार सितंबर को चयन बोर्ड का घेराव और फिर क्रमिक अनशन की तैयारी में हैं।
चयन बोर्ड के अध्यक्ष पूर्व आईएएस हीरा लाल गुप्ता पिछले माह इस्तीफा दे चुके हैं। उनके बाद एक को छोड़कर सभी सदस्य भी अपना त्यागपत्र सरकार को भेज चुके हैं लेकिन सदस्य आशालता के इस्तीफा न देने पर अड़ जाने के कारण नए आयोग के गठन की राह कठिन हो गई है। सभी सदस्यों के इस्तीफा देने के बाद ही नए आयोग के गठन की घोषणा होगी। इसके बाद शिक्षक भर्ती की परीक्षाएं, साक्षात्कार आदि कैसे होंगे, इस पर निर्णय होगा। नए आयोग की अगले कुछ दिनों में घोषणा हो भी जाती है तो परीक्षाएं, साक्षात्कार आदि प्रक्रिया शुरू होने में तकरीबन छह माह का समय लग सकता है। ऐसे में टीजीटी, पीजीटी अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ती जा रही है। चयन आयोग प्रतियोगी मोर्चा सोमवार को चयन बोर्ड का घेराव करेगा। मोर्चा के संयोजक अध्यक्ष शेर सिंह का कहना है कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देगी, बीएड उत्थान मोर्चा, टीजीटी, पीजीटी मोर्चा के साथ मिलकर लड़ाई जारी रहेगी।
उधर, बीएड उत्थान मोर्चा ने चयन बोर्ड के घेराव का समर्थन किया है। इसके साथ 15 सितंबर से शुरू होने वाले सामूहिक उपवास के लिए भी प्रचार अभियान तेज कर दिया है। मोर्चा की रविवार को कार्यालय में हुई बैठक में महामंत्री उदय सिंह लोधी ने बताया कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए पांच सितंबर से माइक मीटिंगों का दौर शुरू होगा। इसके लिए सोशल मीडिया की भी टीम बनाई गई है। बैठक में राजेश सचान, जय सिंह, रजनीश, शैलेश, रुपेश राय, मुकेश, अमित तिवारी, विनोद यादव, लवकुश चौधरी आदि शामिल थे।