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जातिवादी व्यवस्था रोकती है धर्मांतरण

Tue, 30 Dec 2014 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण परिसर में सोमवार को ‘आधुनिक भारत में जाति एवं वर्ग’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में वक्ताओं ने जाति व्यवस्था को लोकतंत्र का आधार बताया। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर ओम प्रकाश ने कहा कि जाति अस्थाई सत्य है जो धर्मांतरण नहीं होने देता। उन्होंने इसे उदाहरणों के माध्यम से भी समझाया।
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प्रोफेसर ओम प्रकाश ने कहा कि जातिवादी व्यवस्था के कारण ही भारत टूटा नहीं है और यह लोकतंत्र का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का राजनीतिकरण होना गलत है। इस तरह की विकृतियों की वजह से ही इस व्यवस्था पर बहस की जरूरत महसूस की जाने लगी है। कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने कहा कि समाज में जाति की जडे़ं कमजोर हो रही हैं, वहीं राजनीति में जड़ें और मजबूत हो रही हैं। शिक्षा विद्याशाखा के निदेशक प्रोफेसर एसपी गुप्ता ने व्याख्यान के विषय  पर प्रकाश डाला। इससे पहले डॉ.आरपीएस यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ.त्रिपुरारी नाथ दुबे ने संचालन किया। कृषि विद्याशाखा के निदेशक डॉ.प्रेम प्रकाश दुबे ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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