यमुनापार में मेजा इलाके के भटौती गांव में मंगलवार सुबह कच्चा मकान ढहने से महिला और उसके तीन साल के बेटे की मौत हो गई। दो बेटे अनहोनी में बच गए। हालांकि वे भी चुटहिल हुए हैं। महिला अपने तीनों बेटों को रसोई में भोजन करा रही थी तभी घर ढह गया। आसपास के लोगों ने जुटकर मलबा हटाया तो मां-बेटा मृत मिले। मौके पर एसडीएम और सीओ भी पहुंचे। शवों को चीरघर भेज दिया गया। भटौती डांडी गांव निवासी विजयशंकर पाल मजदूरी करता है। वह तीन बेटों उमाकांत (14), शिवाकांत (10), बादल (03) और पत्नी सुमन (32) के साथ छोटे कच्चे घर में गुजारा करता था। मंगलवार सुबह वह काम पर चला गया।
उसी दौरान मेजा इलाके में भी तेज बारिश हो रही थी। दोनों बड़े बेटों को स्कूल जाना था। इसलिए करीब साढ़े आठ बजे सुमन ने तीनों बेटों को रसोई में बुलाकर भोजन परोसा। तीनों बेटे खाना खा रहे थे तभी अचानक कच्चा घर भरभराकर ढह गया। छोटे बेटे बादल समेत सुमन मलबे के नीचे दब गई। बड़े बेटे उमाकांत और शिवाकांत कुछ फासले पर थे इसलिए मलबा उन पर नहीं गिरा। उन्हें हल्की चोट पहुंची। वे रोने-चीखने लगे तो गांव वाले जुट गए। मलबा हटाने में सुमन और बेटे बादल के शव मिले। खबर मिली तो एसडीएम मेजा और सीओ भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। कई रिश्तेदार भी आ गए। एसडीएम ने कहा कि विजयशंकर को इस दैवीय आपदा पर हर संभव सरकारी मदद दी जाएगी। इस अनहोनी ने सुमन के दो बेटों के सिर से मां का साया छिन या। वे रोते-बिलखते रहे।