नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के पूरे नरसिंहभान गांव के पास वर्ष 2013 में सावन में प्रयागराज- अयोध्या राजमार्ग पर कावंड़ियों का समूह डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए बेलखरनाथ धाम की ओर जा रहा था। नगर कोतवाली पुलिस ने कानून- व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर डीजे बंद कराया था।
शासन के पत्र का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पुलिस पर पथराव, तोड़फोड़ के मामले में सात नामजद आरोपियों का मुकदमा वापस लेने की अनुमति दी है। करीब तेरह वर्ष पहले डीजे बजाने से पुलिस की रोक के बाद बवाल हुआ था। हाईवे पर एक घंटे के बवाल के दौरान पुलिस ने कांवड़ियों के साथ ही स्थानीय लोगों पर लाठीचार्ज किया था। पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ आगजनी के मामले में सात नामजद आरोपियों के खिलाफ पुलिस की ओर से अदालत में चार्जशीट प्रेषित की गई थी।
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नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के पूरे नरसिंहभान गांव के पास वर्ष 2013 में सावन में प्रयागराज- अयोध्या राजमार्ग पर कावंड़ियों का समूह डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए बेलखरनाथ धाम की ओर जा रहा था। नगर कोतवाली पुलिस ने कानून- व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर डीजे बंद कराया था। इसी पर कावंड़ियों के साथ पुलिस का विवाद हो गया था।
स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही मौके पर तत्कालीन हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह, तत्कालीन व्यापार मंडल के नेता दिनेश सिंह दिन्नू, अब युवा मोर्चा के मंत्री, तत्कालीन बजरंग दल संयोजक विजय सिंह, बबलू यादव, संजय यादव, पिंटू सहित अज्ञात लोगों से पुलिस की बहस हुई थी।
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तोड़फोड़ आगजनी में पुलिस की जीप, कई बाइक में आग भी लगी थी। इस मामले में पुलिस ने नामजद सात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। शासन की मंशा पर सहायक शासकीय अधिवक्ता की ओर से सभी सात आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मंजूरी दी गई है।