फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: शिक्षक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के स्कूल शिक्षक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य मामले में चल रही मुकदमे की पूरी कार्यवाही को रद्द कर दिया। न्यायालय ने फैसले में स्पष्ट किया कि कथित उत्पीड़न की घटना और छात्रा की आत्महत्या के बीच समय का लंबा अंतराल होने के कारण आरोपी के खिलाफ कोई सीधा संबंध साबित नहीं होता है। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकलपीठ ने दिया है।
विज्ञापन

मोदी नगर स्थित पब्लिक स्कूल के भौतिक विज्ञान के शिक्षक पर आरोप था कि उन्होंने 11वीं की छात्रा से अभद्र व्यवहार किया। उसे ट्यूशन के लिए मजबूर किया और परीक्षा में फेल करने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का कहना था कि लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर छात्रा ने 29 जुलाई 2011 को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।
ट्रायल कोर्ट ने आरोप पत्र का संज्ञान लेकर शिक्षक को तलब किया। आरोपी ने समन आदेश सहित पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग में याचिका दायर की। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद पाया कि उत्पीड़न की आखिरी कथित घटना दो अप्रैल 2011 को हुई थी जबकि छात्रा ने करीब तीन माह बाद 29 जुलाई को आत्महत्या की।
विज्ञापन

इस दौरान छात्रा परिवार के साथ घर पर थी और आरोपी के साथ उसका कोई संपर्क नहीं था इसलिए इसे आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता। कानून के अनुसार, उकसाने की घटना और आत्महत्या के बीच समय की निकटता और एक अटूट कड़ी होना अनिवार्य है।
कोर्ट ने अभियोजन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। कहा कि छात्रा की मौत के बाद न तो पुलिस को सूचना दी गई, न ही पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने गुपचुप तरीके से शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके अलावा, घटना के चार माह बाद एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया। इसका कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं है। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने मुकदमे की कार्यवाही रद्द कर दी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें