मौनी अमावस्या से शुरू हुआ है विवाद
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और जिला प्रशासन के बीच 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर विवाद शुरू हुआ था। माघ मेले में शंकराचार्य मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने जा रहे थे। पालकी से जाने के विवाद पर पुलिस से नोकझोंक हुई। इसके बाद शंकराचार्य अपने शिविर के सामने धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तभी वो स्नान करेंगे। बात न बनने पर वह 28 जनवरी को माघ मेले से चले गए। इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी शंकराचार्य को संगम स्नान करने से रोका गया है।