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UP : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ केस दर्ज, झूंसी थाने में हुई एफआईआर

Sun, 22 Feb 2026 04:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj News : प्रयागराज के झूंसी थाने में ज्योतिर्मठ पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के अलावा 2-3 अज्ञात लोगों पर कथित बाल यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज की है। इलाहाबाद जिला न्यायालय की पॉक्सो कोर्ट ने शनिवार को झूंसी पुलिस को निर्देश दिए थे कि वो लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो कानून की धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की छानबीन करें।
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शंकराचार्य स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है। यह केस बच्चों के साथ कथित यौन शोषण करने के आरोप में दर्ज किया गया है। इसमें दो तीन अन्य अज्ञात को भी नामजद किया गया है। यह एफआईआर स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया की अदालत के आदेश पर दर्ज हुई है। वादी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य पर बच्चों का यौन शोषण करने आरोप लगाते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शनिवार को केस दर्ज करने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद झूंसी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ अन्य बिंदुओं पर जांच शुरू करेगी। 

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मौनी अमावस्या से शुरू हुआ है विवाद

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और जिला प्रशासन के बीच 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर विवाद शुरू हुआ था। माघ मेले में शंकराचार्य मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने जा रहे थे। पालकी से जाने के विवाद पर पुलिस से नोकझोंक हुई। इसके बाद शंकराचार्य अपने शिविर के सामने धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तभी वो स्नान करेंगे। बात न बनने पर वह 28 जनवरी को माघ मेले से चले गए। इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी शंकराचार्य को संगम स्नान करने से रोका गया है।  
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