नामजद आरोपियों में माफिया अतीक के कई करीबी भी शामिल
जाते-जाते धमकी दी कि फहीम आदि के खिलाफ शिकायत बंद कर दो नहीं तो जान से मारे जाओगे। उसी समय चौकी में सूचना दिया, मौके पर पुलिस भी आई लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद पुलिस आयुक्त व थाना प्रभारी से भी शिकायत करने का कोई फायदा नहीं हुआ। आरोप है कि इस प्रकरण में गलत तरीके से जमीन का क्रय विक्रय करने, बंजर जमीन पर कब्जा कर बेचने के फलस्वरूप धोखाधड़ी में वाचस्पति, अरविंद केसरवानी, प्रमोद केसरवानी, जैद खालिद व उसका भाई जसीम, अमित कुमार शुक्ला व विकास सिंह के अलावा एक अन्य भी शामिल हैं। इन सभी ने एकराय होकर रकबे से अधिक बैनामा कर ग्रामसभा, बंजर, नाला सहित उसकी खुद की जमीन में कब्जा देकर धोखाधड़ी की है।