फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Court : पहले एनबीडब्लू बाद में समन जारी करने के मामले में न्यायिक अधिकारी के खिलाफ वाद दाखिल, फैसला सुरक्षित

Fri, 29 Jul 2022 10:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष उपस्थित थे। याची आजम राईन की ओर से तर्क दिया गया कि थरवई सरकार बनाम निसार के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साक्ष्य मुहैया कराने के लिए पहले गैर जमानत वारंट जारी कर दिया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिला न्यायालय के एक जूनियर डिवीजन के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पहले एनबीडब्ल्यू और फिर बाद में समन जारी करने के मामले में सीजेएम न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया है। मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया है।

विज्ञापन



सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष उपस्थित थे। याची आजम राईन की ओर से तर्क दिया गया कि थरवई सरकार बनाम निसार के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साक्ष्य मुहैया कराने के लिए पहले गैर जमानत वारंट जारी कर दिया। यह वारंट 15 दिसंबर 2021 को जारी किया गया था, जोकि 31 मार्च 2022 तक जारी रहा।


इसी तिथि पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने समन भेजे जाने के लिए एक नया आदेश जारी कर दिया, लेकिन वारंट रिकॉल का कोई कारण आदेश में नहीं लिखा। इसलिए यह आदेश सीआरपीसी की धारा 218, 219 का उल्लंघन है। याची ने इसे न्यायहित में देखने की जरूरत बताई। सीजीएम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें