माफिया अतीक अहमद और अशरफ। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सिविल लाइंस में माफिया अतीक अहमद के चचेर भाई हमजा उस्मान पर मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि चाचा की हत्या के मुकदमे में पैरवी करने पर उसने इरशाद अली खान को बम से मारने की धमकी दी। कहा कि पैरवी न छोड़ने पर वही हश्र करूंगा, जो चाचा का किया था। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इरशाद अली खान ताशकंद मार्ग सिविल लाइंस का निवासी है। उसने बताया कि उसके सगे चाचा अहमद अली उर्फ नन्हे की पांच अगस्त 2006 को गोलियां व बम से हमलाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उसके भाई अंसार अली खान ने हमजा पुत्र मो. उस्मान निवासी मेहंदौरी काॅलोनी थाना शिवकुटी पर सिविल लाइंस थाने में मुकदमा लिखाया था।
इस मामले में हमजा को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वर्तमान में वह जमानत पर बाहर है। बड़े भाई की मौत के बाद मुकदमे की पैरवी वह कर रहा है। आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद से हमजा विभिन्न माध्यम से बम से मारने की धमकी दे रहा है। लगभग डेढ़ महीने पहले जब वह ज्वाला देवी स्कूल के पास अपने गैरेज पर था, तभी अचानक से आकर गालियां दीं।
साथ ही धमकाया कि चाचा की हत्या के मुकदमे की पैरवी करना छोड़ दो नहीं तो तुम्हें भी मार दूंगा। वादी ने पुलिस को बताया कि वह घर का इकलौता जिम्मेदार सदस्य है जो धमकी से पूरी तरह से सहम गया। अब उसे लगातार धमकी मिल रही है। इस बात का भी डर है कि कोई घटना न हो जाए। सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर गालीगलौज व धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।