शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में 20 हजार से अधिक परिणाम अवैध किए जाने से नाराज अभ्यथियों ने सोमवार को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का घेराव किया। इसमें इलाहाबाद समेत अन्य जिलों से भी अभ्यर्थी शामिल हुए। हालांकि सचिव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में किसी तरह का प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके काफी अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन दिए।
टीईटी में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का परिणाम इनवेलिड (अवैध) होने के बाद अभ्यर्थियों में जबरदस्त नाराजगी है। प्राधिकारी कार्यालय की ओर से शुक्रवार को परिणाम घोषित किया गया। इसमें 20 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के परिणाम के आगे इनवेलिड रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर, इनवेलिड पार्ट-4, इनवेलिड बुकलेट नंबर प्रदर्शित हो रहा है। इतनी बड़ी संख्या में परिणाम अवैध होने से नाराज अभ्यर्थियों ने सोमवार को शेर सिंह के नेतृत्व में सचिव कार्यालय का घेराव किया। इसमें इलाहाबाद समेत बदांयु, मुरादाबाद, गाजीपुर, कानपुर, कन्नौज, झांसी आदि जिलों से भी अभ्यर्थी शामिल हुए लेकिन सचिव ने उनकी बात सुनने से इंकार कर दिया।
इसके पहले उन्होंने कार्यालय के बाहर नोटिस चस्पा करा दी, जिसमें स्पष्ट किया गया कि शासना ने टीईटी की ओएमआर शीट में गलत सूचना अंकित करने, गलत अनुक्रमांक भरने एवं प्रश्न पुस्तिका सरीजी, भाषा विकल्प, पार्ट-चार, विज्ञान, गणित या सामाजिक विज्ञान के गोले को काला न करने पर उसका मूल्यांकन नहीं किए जाने का निर्देश दिया गया था। ऐसे में इस मामले में किसी भी तरह का प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।