इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज अपलोड करने की अंतिम तिथि के साथ स्पष्ट रूप से यह शर्त तय है कि समय सीमा के बाद दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे तो कटऑफ तिथि के बाद पात्रता प्रमाणपत्र दाखिल कर कमी पूरी नहीं की जा सकती।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज अपलोड करने की अंतिम तिथि के साथ स्पष्ट रूप से यह शर्त तय है कि समय सीमा के बाद दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे तो कटऑफ तिथि के बाद पात्रता प्रमाणपत्र दाखिल कर कमी पूरी नहीं की जा सकती। अभ्यर्थी यह दलील भी नहीं दे सकता कि आवश्यक पात्रता पहले से थी, केवल उसका प्रमाण बाद में प्रस्तुत किया गया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने वाराणसी की नेहा राव की विशेष अपील पर दिया है।
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कोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की इंस्ट्रक्टर भर्ती से जुड़ी विशेष अपील पर दिया। कॉस्मेटोलॉजी ट्रेड के इंस्ट्रक्टर पद के लिए तीन साल का अनुभव जरूरी था। आयोग ने तीन फरवरी 2023 के नोटिस में 28 फरवरी की मध्यरात्रि तक सभी दस्तावेज अपलोड करने का आदेश दिया था। साथ ही स्पष्ट किया था कि इसके बाद कोई अवसर नहीं मिलेगा।
अपीलकर्ता ने निर्धारित अवधि में ऐसा अनुभव प्रमाणपत्र अपलोड किया, जिसमें पांच महीने का अनुभव कम था। बाद में उसने 10 जनवरी 2022 को जारी दूसरा प्रमाणपत्र पेश कर कमी पूरी करने की कोशिश की लेकिन आयोग ने उसे स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि बाद के नोटिस में तय नकारात्मक शर्त भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा थी और अभ्यर्थी ने उसे चुनौती भी नहीं दी थी। इसलिए तय समय तक दूसरा प्रमाणपत्र अपलोड न करने से उसने शॉर्टलिस्टिंग और चयन का अधिकार खो दिया। कोर्ट ने अपील खारिज कर दी।