नबी हत्याकांड के बाद पिछले 14 दिनों से चल रही हड़ताल के कारण इलाहाबाद जिला न्यायालय का क्षेत्राधिकार किसी दूसरे जिले को भेजा जा सकता है। तब यहां के मुकदमे आस-पास के किसी अन्य जिले में सुने जाएंगे। वादकारियों को हो रही परेशानी को देखते हुए हाईकोर्ट ने यह चेतावनी दी है। जिला जज डीएस त्रिपाठी ने बुधवार को बार प्रतिनिधियों के साथ बैठक में उनको हाईकोर्ट की इस मंशा से अवगत कराया। उन्होंने वकीलों से हड़ताल खत्म करके काम शुरू करने की अपील की है।
दूसरी ओर मंगलवार को हाईकोर्ट के सात जजों की पीठ द्वारा हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाने के बाद कचहरी के वकीलों ने आज हड़ताल का कोई प्रस्ताव जिला जज के पास नहीं भेजा। इससे तकनीकी रूप से हड़ताल समाप्त ही मानी जाएगी। जानकारों का मानना है कि इस स्थिति में बृहस्पतिवार से अदालतें काम शुरू कर सकती हैं क्योंकि बार की ओर से न्यायिक कार्य से विरत रहने का कोई प्रस्ताव नहीं है। जिला जज डीएस त्रिपाठी ने बताया कि बार पदाधिकारियों को हाईकोर्ट की मंशा से अवगत करा दिया गया है। उनसे अपील की गई है कि हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर काम शुरू कर दें। वहीं बार का कोई पदाधिकारी इस मुद्दे पर बयान देने के लिए सामने नहीं आया।