इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर की मेसर्स राजेंद्र स्टील कंपनी के डायरेक्टर डीएस बत्रा के अमेरिका से भारत में प्रत्यर्पण कराने के मामले में केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है और अधिवक्ता को 30 जनवरी तक स्टेटस रिपोर्ट सहित हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। अगली सुनवाई तीन फरवरी को होगी। समापक में कंपनी की संपत्ति हड़प कर बेचने के आरोप में सीबीआई ने बत्रा के खिलाफ जांच में बुलाये जाने के लिए प्रत्यर्पण की अर्जी दी है। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से इस संबंध में जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने दिया है।
कोर्ट ने आफीशियल लिक्वीडेटर को कंपनी के 76 कर्मकारों के बकाए का भुगतान करने को भी मंजूरी दे दी है। नौ लाख छह हजार 977 रुपये का भुगतान किया जाना है। कोर्ट ने कर्मकार सतीराम यादव की अर्जी को यह कहते हुए निस्तारित कर दिया है कि वह दूसरी अर्जी दाखिल करे। अर्जी में कर्मकारों के बकाए के भुगतान की मांग की गई थी। अर्जी पर अधिवक्ता कृष्णजी शुक्ल व आफीशियल लिक्वीडेटर के अधिवक्ता अर्नव बनर्जी ने पक्ष रखा। आफीशियल लिक्वीडेटर ने अपनी रिपोर्ट में याचियों के अलावा कुल 76 लोगों के देयों का भुगतान करने की अनुमति मांगी थी ।