बैंक सर्वर में आई दिक्कत
प्रस्तावित हड़ताल के कारण शनिवार को जब कई व्यापारी एक साथ पेमेंट करने लगे तो सर्वर की दिक्कत आ गई। जॉनसेनगंज के किराना व्यवसायी प्रांशु केसरवानी बताते हैं कि हर दिन कैश बैंक में डिपॉजिट करना होता है। धनराशि कंपनियों के पास पहुंचने के बाद ही सामान उपलब्ध हो पाता है। ऐसे में शनिवार को दिन भर कंपनियों को पेमेंट करने की कोशिश करते रहे। इस दौरान सर्वर की दिक्कत आती रही।
स्टेशनरी कारोबारियों को नुकसान का डर
स्टेशनरी व्यवसायी नीरज अग्रवाल ने बताया कि समय पर भुगतान करने पर हमें सामानों के दाम में दो फीसदी की छूट मिलती है। हड़ताल की वजह से न तो आरटीजीएस होगा और न ही चेक क्लीयर होता तो हम ऐसा नहीं कर पाएंगे। इससे हमें नुकसान होगा।
कपड़ा और बर्तन बाजार पर भी पड़ सकता है असर
सिविल लाइंस के कपड़ा व्यवसायी योगेंद्र जाधवानी और बर्तन व्यवसायी बादल सक्सेना ने बताया कि महीने में कई बार पेमेंट करना होता है। साथ ही करीब 30 फीसदी लोग अब भी कैश देकर ही सामान लेते हैं। ऐसे में व्यापार तो प्रभावित होगा ही। साथ ही आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख भी 30 सितंबर है। इसको लेकर भी हम चिंतित हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सामान व ऑटो पार्ट्स के व्यवसायियों के लिए भी चुनौती
चौक के इलेक्ट्रॉनिक सामानों के व्यवसायी ओमप्रकाश केवलानी ने बताया कि जो चेक लगाया गया है वह क्लीयर नहीं हो पाएगा। एसी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन खरीदने के लिए 40 फीसदी लोग कैश देते हैं। एटीएम से कैश नहीं मिले तो बिक्री पर भी असर पड़ेगा। साथ ही कैश डिपॉजिट नहीं कर पाएंगे और कैश क्रेडिट लिमिट पर ब्याज देना पड़ जाएगा। सिविल लाइंस के इलेक्ट्रॉनिक सामानों के व्यवसायी दिनेश गुप्ता ने कहा कि ट्रांजेक्शन के काम रुकेंगे। ऑटो पार्ट्स के व्यवसायी जीतेंद्र अरोड़ा ने कहा कि हमें हफ्ते में दो बार सामान मंगवाना पड़ता है। हड़ताल से पेमेंट पर असर पड़ेगा।