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प्रयागराज : बैंकों की हड़ताल हुई तो थम जाएंगे कारोबार, करोड़ों के नुकसान का अनुमान

Sun, 27 Sep 2026 06:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बैंककर्मियों की 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल ने प्रयागराज के कारोबारियों के लिए चुनौती बढ़ेगी। व्यापारियों का कहना है कि अग्रिम भुगतान के बिना सामान मिलना मुश्किल होता है और हड़ताल से यह व्यवस्था प्रभावित होगी।
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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बैंककर्मियों की 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल ने प्रयागराज के कारोबारियों के लिए चुनौती बढ़ेगी। व्यापारियों का कहना है कि अग्रिम भुगतान के बिना सामान मिलना मुश्किल होता है और हड़ताल से यह व्यवस्था प्रभावित होगी। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा और इससे करोड़ों के नुकसान का अनुमान है।

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सबसे बड़ी समस्या रसोई गैस वितरण एजेंसियों और पेट्रोल पंप संचालकों के सामने है जिन्हें पेट्रोलियम कंपनियों को रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के लिए अग्रिम भुगतान करना पड़ता है। यह भुगतान बैंकों के माध्यम से होता है। अगर अग्रिम भुगतान नहीं किया गया तो कंपनियां सप्लाई रोक देंगी। इससे रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन, प्रयागराज मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र बताते हैं कि ज्यादातर एजेंसियां बैंकों के माध्यम से पेट्रोलियम कंपनियों को अग्रिम भुगतान करती हैं। यह भुगतान प्रतिदिन होता है। एजेंसी संचालकों के पास इतना पैसा नहीं है कि हड़ताल से पहले एक साथ तीन दिन का अग्रिम भुगतान कर सकें। पेट्रोलियम कंपनियों से मांग की गई है कि हड़ताल अवधि में क्रेडिट पर रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था करें।
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वहीं, अन्य व्यवसायियों का कहना है कि प्रस्तावित हड़ताल की वजह से होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए रणनीति बनाई जा रही है लेकिन आरटीजीएस या नेफ्ट नहीं होने और चेक क्लीयर नहीं होने का असर निश्चित तौर पर कारोबार पर पड़ेगा। इसका असर टीडीएस पर भी पड़ेगा। उन व्यवसायियों को भी कारोबार प्रभावित होने की चिंता सता रही है जिन्हें ज्यादातर ग्राहक कैश में ही भुगतान करते हैं।

बैंक सर्वर में आई दिक्कत

प्रस्तावित हड़ताल के कारण शनिवार को जब कई व्यापारी एक साथ पेमेंट करने लगे तो सर्वर की दिक्कत आ गई। जॉनसेनगंज के किराना व्यवसायी प्रांशु केसरवानी बताते हैं कि हर दिन कैश बैंक में डिपॉजिट करना होता है। धनराशि कंपनियों के पास पहुंचने के बाद ही सामान उपलब्ध हो पाता है। ऐसे में शनिवार को दिन भर कंपनियों को पेमेंट करने की कोशिश करते रहे। इस दौरान सर्वर की दिक्कत आती रही।

स्टेशनरी कारोबारियों को नुकसान का डर

स्टेशनरी व्यवसायी नीरज अग्रवाल ने बताया कि समय पर भुगतान करने पर हमें सामानों के दाम में दो फीसदी की छूट मिलती है। हड़ताल की वजह से न तो आरटीजीएस होगा और न ही चेक क्लीयर होता तो हम ऐसा नहीं कर पाएंगे। इससे हमें नुकसान होगा।

कपड़ा और बर्तन बाजार पर भी पड़ सकता है असर

सिविल लाइंस के कपड़ा व्यवसायी योगेंद्र जाधवानी और बर्तन व्यवसायी बादल सक्सेना ने बताया कि महीने में कई बार पेमेंट करना होता है। साथ ही करीब 30 फीसदी लोग अब भी कैश देकर ही सामान लेते हैं। ऐसे में व्यापार तो प्रभावित होगा ही। साथ ही आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख भी 30 सितंबर है। इसको लेकर भी हम चिंतित हैं।

पेट्रोलियम व पेंट व्यवसायी नुकसान से बचने का खोज रहे रास्ता

शहर के कई पेट्रोलियम और पेंट व्यवसायी हड़ताल के असर से बचने के लिए अभी से प्रबंध में जुट गए हैं। प्रयागराज एंड कौशाम्बी पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री संजय तिवारी और सिविल लाइंस स्थित एक पेट्रोल पंप के मैनेजर राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पहले से ही कंपनियों को भुगतान कर दिया गया है। फिर भी दिक्कत होने पर क्रेडिट पर पेट्रोल-डीजल लेने की कोशिश की जाएगी। वहीं, पेंट व्यवसायी रईसुद्दीन ने बताया कि हमने अपने सामान क्रेडिट पर लेने की बात की है। इसके वजह से पेमेंट में थोड़ी देरी हो सकती है।
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इलेक्ट्रॉनिक सामान व ऑटो पार्ट्स के व्यवसायियों के लिए भी चुनौती

चौक के इलेक्ट्रॉनिक सामानों के व्यवसायी ओमप्रकाश केवलानी ने बताया कि जो चेक लगाया गया है वह क्लीयर नहीं हो पाएगा। एसी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन खरीदने के लिए 40 फीसदी लोग कैश देते हैं। एटीएम से कैश नहीं मिले तो बिक्री पर भी असर पड़ेगा। साथ ही कैश डिपॉजिट नहीं कर पाएंगे और कैश क्रेडिट लिमिट पर ब्याज देना पड़ जाएगा। सिविल लाइंस के इलेक्ट्रॉनिक सामानों के व्यवसायी दिनेश गुप्ता ने कहा कि ट्रांजेक्शन के काम रुकेंगे। ऑटो पार्ट्स के व्यवसायी जीतेंद्र अरोड़ा ने कहा कि हमें हफ्ते में दो बार सामान मंगवाना पड़ता है। हड़ताल से पेमेंट पर असर पड़ेगा।
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