पहले नोटबंदी और उसके बाद जीएसटी की मार के बार सर्राफा कारोबारियों को धनतेरस के अवसर पर होने वाले ‘धनवर्षा’ से ढेरों उम्मीदें हैं। इसका असर बाजार में दिखना भी शुरू हो गया है। सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के जेवरों की एडवांस बुकिंग और खरीदारी तेजी पकड़ने लगी है। इनकी डिलीवरी धनतेरस के दिन 17 अक्तूबर को होगी। अधिकांश लोगों ने चांदी और सोने के ही सिक्के बुक करवाएं हैं। उधर ग्राहकों को लुभाने के लिए बाजार में इस बार चांदी और सोने के नए डिजाइन के सिक्के आए हैं।
कारोबारियों को उम्मीद है इस बार धनतेरस पर शहर 30 से 40 करोड़ रुपये तक का कारोबार हो सकता है। हालांकि मार्केट में पिछले साल की तरह अभी ग्राहकों में ज्यादा उत्साह देखने को नहीं मिला है। सर्राफा कारोबारी इसकी मुख्य वजह पिछले साल हुई नोटबंदी बता रहे हैं। सिक्कों के बाद हल्के वजन के गहने एवं गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाओं की बुकिंग ज्यादा हो रही है। शहर के रानीमंडी, चौक, मीरगंज, सिविल लाइंस, कटरा, अल्लापुर, तेलियरगंज, कोठापार्चा आदि स्थानों पर स्थित सर्राफा की दुकानों पर धीरे-धीरे ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है।
रानीमंडी स्थित बच्चा जी ज्वैलर्स के प्रोपराइटर अमिताभ टंडन ने बताया कि नोटबंदी की वजह से अभी मार्केट में ज्यादा बूम नहीं आया है। सरकार द्वारा 50 हजार या उससे ज्यादा के आभूषणों की खरीद पर पैनकार्ड देने की बाध्यता हटाकर दो लाख रुपये या उससे ज्यादा कर दिए जाने से बाजार को निश्चित ही राहत मिली है। इसका असर धनतेरस के दिन दिखाई पड़ सकता है। बताया कि पांच ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक के चांदी के सिक्के धनतेरस पर अधिकांश लोग खरीदते हैं। सिविल लाइंस स्थित सिसोदिया ज्वैलर्स के उत्कर्ष सिंह और काशी आर्नामेंट की संध्या मेहरोत्रा ने भी धनतेरस को लेकर विशेष तैयारी की है। तमाम शोरूम पर आकर्षक विद्युत सजावट कराने की भी तैयारी चल रही है।
सर्राफा बाजार में इस बार सोने की पुराने चलन वाली असली गिन्नी अब तकरीबन गायब हो चुकी है। बाजार में जो ढलाई वाली गिन्नी बेची जा रही है, उसकी कीमत भी 22 से 24 हजार (एक गिन्नी प्रति ग्राम) तक पहुंच चुकी है। प्रयाग सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुलदीप सोनी का कहना है कि असली गिन्नी की असल कीमत 25 हजार (दस ग्राम) से ऊपर है। चुनिंदा लोगों के पास ही पास असल गिन्नी है। ढलाई वाली गिन्नी भी 25 हजार की कीमत को पार कर गई है।
शुद्ध चांदी के बने 100 ग्राम के सिक्के की इस बार बाजार में धूम है। अंडाकार आकार वाले इन सिक्कों पर लक्ष्मी-गणेश के चित्र अंकित हैं। सिक्के के चारों ओर सोने का पानी चढ़ाया गया है। ऐसे में यह सिक्के देखने में बडे़ ही आकर्षक लगते हैं। कारोबारियों के अनुसार इस बार इन सिक्कों की डिमांड ज्यादा है। सोने के आभूषणों की बात की जाए तो टॉप्स, गले की चेन, अंगूठी, कान की रिंग, बाली आदि हल्के आइटम इस बार ज्यादा बिकने की संभावना है।