न्यूनतम बोली को रखा जाएगा गोपनीय
इस प्रक्रिया में किसी को भी मालूम नहीं पड़ेगा कि किसने कितने की बोली लगाई। न्यूतनम बोली क्या होगी उसे रेलवे गोपनीय रखेगा। ठेकेदारों को अपने विवेक से ही कार्य को देखते हुए इसकी बोली लगानी होगी। इस दौरान जो सबसे ज्यादा बोली लगाएगा, उसे ऑटोमेटिक सिस्टम द्वारा ठेका आवंटित हो जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया महज 15 दिन में ही निपट जाएगी। प्रयोग के तौर पर दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी समेत कुल 11 रेल मंडलों में ई-ऑक्शन के तहत अभी कुल तीन तरह के ठेके वाहन पार्किंग, नॉन फेयर रेवेन्यू का टेंडर और एसएलआर कोच को लीज पर देने का है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसका विस्तार होने के साथ सभी जोनल रेलवे में लागू कर दिया जाएगा।
अभी देश के कुल 11 रेल मंडलों में इसे लागू किया गया है। रेलवे बोर्ड की इस संबंध में आगे जो भी गाइडलाइन आएगी, उसका पूरा पालन किया जाएगा। - डॉ. अमित मालवीय, सीनियर पीआरओ, एनसीआर