टीसीआई चौराहे पर बुधवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। सरकारी भूमि पर बने 38 से अधिक दुकान और मकान ध्वस्त कर दिए गए। इस अभियान में करीब 2000 वर्ग गज जमीन खाली कराई गई।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने एक साल पहले अवैध कब्जा धारकों को नोटिस जारी किया था। हालांकि, पूर्व में विरोध के कारण यह कार्रवाई नहीं हो पाई थी। कब्जा धारक बीते चार दशक से अधिक समय से इस जमीन पर काबिज थे।
बीते शनिवार को हुए जबरदस्त विरोध को देखते हुए बुधवार को भारी पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान तैनात किए गए। इसके चलते लोग विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। बुधवार भोर में तीन बजे ही बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान मौके पर पहुंच गए। रास्तों को बैरिकेड्स कर रोक दिया गया और भवनों को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया गया। सुबह छह बजे चार बुलडोजर के साथ टीम ने कार्रवाई शुरू की। बिजली विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर पहले लाइट कटवाई गई। लगभग चार घंटे से अधिक समय तक यह अभियान चला।
टीसीआई चौराहे पर बीते 50 साल से लोग सरकारी जमीन पर आवास और दुकान बनाकर कब्जा किए हुए थे। 38 लोगों को कब्जा हटाने के लिए एक साल पहले नोटिस दिया गया था। बीते शनिवार को एसडीएम करछना तपन मिश्रा और एसीपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ दस्ता पहुंचा था। बड़ी संख्या में महिलाओं ने विरोध करते हुए एक विधायक के दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया। विरोध के कारण टीम अल्टीमेटम देकर लौट आई थी।
कार्रवाई को लेकर लोगों ने अपने घरों और दुकानों से सामान हटा लिया था, लेकिन तीन दिन तक कोई कार्रवाई न होता देख लोग फिर से दुकान सजा ली थी। बुधवार को यमुनापार के सभी थानों की फोर्स मौजूद रही। महिलाओं के संभावित विरोध को देखते हुए बड़ी संख्या में महिला दरोगा व महिला सिपाहियों को बुलाया गया था। रास्तों में बैरिकेडिंग के कारण आसपास के स्कूलों में बच्चों को वापस घर जाना पड़ा।
कार्रवाई के दौरान आसपास लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया जा रहा था। कार्रवाई वाले स्थान पर आने वाले सभी रास्तों को बंद किया गया था और सभी को काफी दूर कर दिया गया था। आठ बजे के बाद पुरानी जीटी रोड से दो पहिया वाहनों को आने जाने की छूट दी गई।
इनको जारी किया गया था नोटिस
पीडीए ने कृष्ण डेरी, दीन दयाल, मां शारदा, हर्ष स्टूडियो, द डॉन, हरीश टेंट, गुड़िया देवी, एस एन प्रजापति, राजकुमार भारतीय, शेज ननचु, राजेश कुमार भारतीय, आकाश भारतीय, रामू निषाद, उमेश निषाद हार्डवेयर, बीके इलेक्ट्रिक, आशीष कुमार केसरवानी, ओम फर्नीचर, एसके सैलून, पुरुषोत्तम जनरल स्टोर प्रजापति मेडिकल स्टोर, विंध्यवासिनी पान भंडार, शुभम जनरल स्टोर, निषाद जन सेवा केंद्र, वैष्णो जनरल स्टोर, अनिल पान भंडार, गन्ना भारती, दिनेश जायसवाल, मोहन यादव, रमेश भारतीय, होंडा सर्विस सेंटर, भारतीय गैस चूल्हा को नोटिस दिया था।
एक भूखंड को बचाने का आरोप
कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों ने पास में रहने वाले विधायक पर आरोप लगाया कि उनके कहने पर एक भूखंड, जिसका अधिकांश हिस्सा भी सरकारी भूमि में बना है उसपर कार्रवाई नहीं की गई। लोग सरकारी भूमि की नाप कराकर उसे मुक्त कराने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि वह कई दशकों से वहां पर बसे है। कार्रवाई के नाम पर प्रशासन मनमानी कर रहा है।
नैनी। कार्रवाई के दौरान बुल्डोजर से तोड़ी जा रही दुकान। संवाद- फोटो : samvad
नैनी। कार्रवाई के दौरान बुल्डोजर से तोड़ी जा रही दुकान। संवाद- फोटो : samvad