नैनी कोतवाली क्षेत्र के अरैल बांध रोड पर शनिवार को पूर्वान्ह एसपी यमुनापार चक्रेश मिश्रा, आपीएस सौमेंद्र मीणा, पीडीए अधिकारी आलोक पांडेय, सत शुक्ला कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ चार जेसीबी मशीने लेकर पहुंचे। अधिकारियों का कुनबा अरैल ग्राम प्रधान विमला देवी के बेटे एवं पूर्व प्रधान तथा भाजपा नेता प्रदीप महरा के घर पहुंच गया। कुछ ही देर में पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
नगर निगम की जेसीबी मशीनों से प्रदीप महरा और जीतू महरा के करीब 1500 वर्गगज में बने दो मंजिला मकान में कुल 22 कमरे हैं। जिन्हे गिराने की प्रक्रिया आज शुरू हुई। इससे पहले अधिकारियों ने महरा परिवार को घर के आकर रखे सामानों को सुरक्षित हटाने का वक्त दे दिया। जिसके बाद बाद घरवालों ने अंदर रखे सामानों को हटाना शुरू कर दिया। पहले जीतू और फिर प्रदीप महरा के घर को गिराया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई देर शाम तक चलती रही। हालांकि अभी तक पूरा मकान नहीं गिर पाया है।
पीडीए अधिकारी सत शुक्ला ने कहा बताया कि प्रदीप महरा और जीतू महरा दोनों अपराधी हैं। दोनों पर हत्या, रंगदारी, भूमि कब्जे समेत करीब डेढ़ दर्जन मुकदमें पंजीकृत है। मकान का नक्शा नहीं पास था। इस संबंध में प्रदीप महरा आदि को नोटिस दी गई थी। उसी के तहत यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। इसकी कीमत तीन से चार करोड़ रुपए के आस पास है।