प्रयागराज। बिना एटीएम तोड़े ही उससे रुपये उड़ाने वाले गिरोह का शुक्रवार को पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। बताया कि इन घटनाओं को चार बीटेक छात्रों का एक गिरोह अंजाम दे रहा था, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। खास बात यह है कि वह इंपोर्टेड डिवाइस के जरिए यह खेल कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि पिछले कई दिनों से एटीएम से छेड़छाड़ कर रुपये निकाले जाने की घटनाएं सामने आ रही थीं। 17 नवंबर को चंादपुर सलोरी, गोविंदपुर, अल्लापुर के बाद 20 नवंबर को ट्रांसपोर्टनगर व 21 को झूंसी व सोरांव में इस तरह की घटनाएं सामने आईं। कर्नलगंज, शिवकुटी, जार्जटाउन व धूमनगंज में एफआईआर भी हुई। जांच पड़ताल के दौरान आए तथ्यों व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर धूमनगंज पुलिस ने शुक्रवार को रामकथा पार्क से चार लोगों को पकड़ा। सख्ती से पूछताछ हुई तो आरोपियों ने एटीएम से रुपये उड़ाने की बात स्वीकार कर ली। पकड़े गए लोगों ने आशीष कुमार मौर्या निवासी चकेरी व आकाश गोवनका निवासी फिलखाना, कानपुर नगर और संदीप सिंह निवासी खागा फतेहपुर, अनुराग सक्सेना निवासी बिठूर कानपुर नगर शामिल हैं। इनके पास से 25 हजार नगद, 10 एटीएम, एक रेती व डिवाइस बरामद हुई है।
पुलिस की मानें तो पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 28 हजार रुपये में ऑनलाइन शॉपिंग कर एटीएम फोर्क नाम की डिवाइस मंगाई थी और इसी के जरिए वह एटीएम से रुपये उड़ाते थे। बताया पहले वह डिवाइस को एटीएम के कैश प्वाइंटर पर लगा देते हैं, जिससे नोट बाहर नहीं आ पाते। जब संबंधित व्यक्ति परेशान होकर चला जाता है तो वह डिवाइस निकालकर रुपये उड़ा देते थे। सबसे खास बात यह कि ट्रांजक्शन के वक्त नोट बाहर न निकलने की वजह से एटीएम रिकॉर्ड में रकम उतनी ही रहती थी। यही वजह है कि मामले की जानकारी तब हुई जब कैश वैन कंपनी कर्मचारी नोट डालने पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि आकाश व अनुराग बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं जबकि आशीष बीटेक कर चुका है। अनुराग व आकाश कानपुर में भी एटीएम से रुपये उड़ा चुके हैं। उनके संपर्क में आने के बाद आशीष ने यहां ऐसा ही काम किया। एक झटके में रुपये मिलने के बाद उसके मन में लालच बढ़ गया तो उसने आकाश, अनुराग व संदीप को भी बुला लिया।