नवनिर्वाचित सांसद अतुल राय (फाइल फोटो)
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स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने दुष्कर्म के आरोप में घोसी (मऊ) के बसपा सांसद अतुल राय की जमानत नामंजूर कर दी है। राय 22 जून 2019 से जेल में बंद हैं। राय पर पीड़िता को धोखे से घर बुलाकर दुष्कर्म करने का आरोप है।
इस प्रकरण में अतुल राय ने वाराणसी में सरेंडर किया था। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम वाराणसी ने 22 जून 2019 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। प्रकरण से संबंधित पत्रावली सुनवाई के लिए अंतरित होकर स्पेशल कोर्ट आई है। स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने जमानत नामंजूर करते हुए आदेश में कहा है कि अभियुक्त पर लगे आरोप पीड़िता की स्वतंत्रता को बाधित करने और उसकी प्रतिष्ठा को क्षति वाले हैं। साथ ही यह समाज के प्रति घृणित और गंभीर अपराध। जमानत का विरोध एसपीओ, हरिओंकार सिंह, राधाकृष्ण मिश्र और एडीजीसी राजेश गुप्ता ने किया।
घटना सात मार्च 2018 की वाराणसी के लंका थाने की है। पीड़िता ने सांसद अतुल राय के खिलाफ एक मई 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि अभियुक्त से उसकी मुलाकात छात्रसंघ चुनाव के दौरान हुई थी। आपस में बातचीत मिलना-जुलना होता था। घटना के दिन सांसद ने अपनी पत्नी से मिलवाने के बहाने घर पर बुलाया और दुष्कर्म किया। धोखे से उसका वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर उसका उत्पीड़न करता रहा । पीड़िता का कहना है कि वह पूर्वांचल के बाहुबली विधायक का करीबी है और उसका आपराधिक इतिहास है। वादिनी ने उससे तंग आकर अपने फेसबुक आईडी से मदद की गुहार की थी।
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उसकी राजनीतिक छवि को खराब करने की नीयत से उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। एफआईआर 420 दिन के विलंब से दर्ज कराई गई है। वह शादीशुदा और बालबच्चे वाला है। वह लोकसभा का निर्वाचित सदस्य है।