एकल पीठ के आदेश के खिलाफ मामला पहुंचा था खंडपीठ
याची ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया था। याची के अधिवक्ता सुनील यादव ने दलील दी कि याची को नेत्र रोग विशेषज्ञ की राय पर हड्डी की विसंगतियों के आधार पर मेडिकल अनफिट किया गया है, जो विश्वसनीय नहीं हो सकती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ की मेडिकल रिपोर्ट पर हड्डी रोग के विशेषज्ञ की राय नही ली गई, जबकि इस भर्ती में अपनाई जाने वाली चयन प्रक्रिया के नियमो में सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर की राय लिए जाने का प्राविधान है।
कोर्ट ने सशस्त्र सीमा बल के भर्ती कमांडेंट को याची की हड्डियों की पुनः जांच हड्डी रोग के प्रोफेसर रैंक के डॉक्टरों की दो सदस्यीय समिति से करवाते हुए जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अगली सुनवाई तक पेश करने का आदेश दिया है। इसके लिए याची को एक पांच हजार रूपए भर्ती बोर्ड को अदा करने होंगे। कोर्ट ने याची को एक हफ्ते में पांच हजार रुपए के साथ भर्ती कमांडेंट के समक्ष पेश होने का निर्देश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।