प्रतिष्ठित कारोबारी नवीन भार्गव संयुक्त परिवार के साथ बाई का बाग स्थित पुश्तैनी मकान में रहते थे। बैरहना में नवीन और उनकी पत्नी की मौत की खबर पहुंची तो कोहराम मच गया। घर पर तीन छोटे भाई और उनका परिवार शोक में डूब गया। दिल्ली में नवीन के बेटे को और अमेरिका में बेटी को भी सूचना भेजी गई तो वे भी बेहाल हो गए।
शनिवार की सुबह सभी भाई अपनी-अपनी दुकानों में समय से चले गए थे। शाम को नवीन नैनी स्थित दुकान से जल्दी लौट आए। वापस आने पर मंदिर जाने का कार्यक्रम बन गया। नवीन बैरहना में भैरो बाबा के मंदिर अकसर दर्शन करने जाते थे। शनिवार को पत्नी शोभा भी साथ चलने को तैयार हो गईं। उनके पारिवारिक मित्रों का कहना है कि स्कूटी से दोनों मंदिर पहुंचे, लेकिन लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। पुलिस दुर्घटना के काफी देर तक उनकी शिनाख्त की कोशिश करती रही, लेकिन पहचान नहीं हो पा रही थी। जब पुलिस सूचना लेकर बाई का बाग स्थित घर पहुंची तब घर में उनके भतीजे-भतीजियां भी मौजूद थे।
परिवार में कोहराम मच गया। नवीन चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनसे छोटे भाई राजीव, पंकज एवं नीरज भी चश्मे के कारोबार से जुड़े हैं। परिवार के पास जानसेनगंज, कटरा, सिविल लाइंस, नैनी में शहर की सबसे पुरानी नाथ चश्मे वाले के नाम से दुकान है। सभी भाई एक साथ बाई का बाग स्थित पुश्तैनी मकान में ही एक साथ रहते हैं। नवीन के एक पुत्र निशांक दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहकर एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि बेटी प्रतीक्षा अमेरिका में रहती है। उनको भी हादसे की सूचना दे दी गई। मोहल्ले में जैसे-जैसे सूचना फैली, घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
चश्मदीदों की मानें तो सड़क पर जब कारोबारी और उनकी पत्नी घायल अवस्था में पड़े थे, उस दौरान कुछ लोग मदद को बढ़े और उसमें से ही किसी ने उनका मोबाइल उड़ा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मौके पर दंपति के पास एक मोबाइल मिला। उस फोन के जरिए शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन उसमें पैटर्न लॉक था। काफी कोशिश के बाद भी पैटर्न लॉक नहीं खुला। तभी करीब तीस-पैंतीस साल का युवक वहां पहुंचा और उसने लॉक खोलने का दावा करते हुए मोबाइल फोन अपने हाथ में ले लिया। तब तक वहां काफी भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान मौके का फायदा उठाते हुए युवक फोन लेकर निकल गया। लोगों ने उसकी आसपास तलाश की, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। इंस्पेक्टर कीडगंज का भी कहना है कि मौके से कोई मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ। ऐसे में दुर्घटना के बाद पुलिस को उनकी शिनाख्त करने में काफी कठिनाई आई।