दो दिन पहले नैनी से संदिग्ध हालात में गायब हुए रिटायर सैनिक के भाई सर्वदेव सिंह कुशवाहा (42) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम से खुलासा हुआ कि सिर में भारी चीज से वार करने के बाद गला दबाकर उसको मार डाला गया। हालांकि, कीडगंज पुलिस देर रात तक इसे हत्या का मामला मानने से इंकार करती रही।
मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला सर्वदेव नैनी के जवाहर नगर मोहल्ले में रहता था। उसके पिता श्याम नारायण सिंह कुशवाहा का निधन हो चुका है, जो सेना में मेजर थे। भाई सर्वजीत भी सेना से रिटायर हैं। चार भाइयों में दूसरे नंबर का सर्वदेव छोटे भाई सर्वनाथ के साथ घर के पास ही फैब्रिकेशन कारखाना चलाता था। परिजनों ने बताया कि 21 फरवरी की सुबह सात बजे के करीब वह रोज की तरह घर से टहलने निकला। लेकिन, इसके बाद वापस नहीं आया। बहुत देर तक न लौटने पर घरवालों ने खोजबीन शुरू की लेकिन कुछ पता नहीं चला। शाम को नैनी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
उधर, अगले दिन परेड ग्राउंड में ओडी फोर्ट चौराहे के पास कीडगंज साइड में अज्ञात युवक की लाश मिली। बहुत कोशिश के बाद भी शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने अज्ञात में शव मर्चरी भेजवाया। जानकारी पर रविवार को परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो मृतक की शिनाख्त सर्वदेव के रूप में हुई। सोमवार को पंचनामा के बाद दोपहर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें पता चला कि गला घोटकर उसकी हत्या की गई। यही नहीं सिर पर मिले चोट के निशान से पता चला कि हत्या से पहले सिर में किसी भारी चीज से वार भी किया गया था। माना जा रहा है कि पहले सिर में वार कर उसे बेसुध किया गया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। शाम को परिजनों ने दारागंज घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
किसी से रंजिश नहीं, फिर किसने की हत्या
सर्र्वदेव की हत्या से परिजन स्तब्ध हैं। वह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि हत्या किसने और क्यों की। दरअसल, मृतक की किसी रंजिश की बात से उन्होंने इंकार किया। परिवार की भी किसी से दुश्मनी नहीं है। तीनों भाई व्यापार करते हैं और सर्वदेव छोटे भाई संग मिलकर काम करता था। यह भी राज बना हुआ है कि वह नैनी से परेड ग्राउंड तक कैसे पहुंचा। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा व दो बेटियां हैं। एक आशंका यह भी है कि उसे अगवा कर नैनी से लाया गया और फिर उसकी हत्या की गई।
इंस्पेक्टर हत्या की बात से करते रहे इंकार
उधर कीडगंज इंस्पेक्टर शिशुपाल शर्मा देर रात तक इसे हत्या का मामला मानने से इंकार करते रहे। उनका कहना था कि मृतक भांग के नशे का आदी था और उसकी मानसिक हालत भी ठीक नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाबत सवाल किए जाने पर उनका कहना था कि दम घुटने से मौत की बात सामने आई है। परिवारवालों ने कोई तहरीर नहीं दी है, न ही किसी पर शक जताया है।
परेड ग्राउंड बना अपराधियों का अड्डा
प्रयागराज। कीडगंज व दारागंज पुलिस की निष्क्रियता से परेड ग्राउंड अपराधियों का अड्डा बन गया है। यही वजह है कि लूट, छिनैती के साथ ही अपराधी यहां हत्या जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम देने से भी बाज नहीं आ रहे। शव ठिकाने लगाने का भी यह महफूज अड्डा बन गया है। पिछले साल होली पर सिंचाई विभाग के ट्यूबवेल के पास युवक की सिर कटी लाश मिली थी। आज तक इस मामले का खुलासा नहीं हुआ। इससे पहले बहादुरगंज निवासी पूर्व पार्षद के भतीजे अमित अग्रहरि की यहां पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अब रिटायर सैनिक के भाई की हत्या कर दी गई। यही नहीं पिछले साल शहर में एक के बाद एक हुई कई हत्याओं में से तीन मामले में भी यहीं के थे, जिसमें बाद में सीरियल किलर कलुआ को गिरफ्तार किया गया था।