इलाहाबाद। पर्यावरण में प्रदूषण का असर शहर के मौसम पर साफ नजर आ आने लगा है। जनवरी में ही पारा 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जो औसत से सात से आठ डिग्री सेल्सियस अधिक है। दिन की चटख धूूप में ही नहीं शाम को भी लोगों ने गर्म कपड़े उतारकर रख दिए हैं। मौसम विज्ञानी कहने लगे हैं कि अब ठंड शायद ही लौटे। आने वाले दिनों में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं रहने वाला है। आसार इस बार भीषण गर्मी के दिखने लगे हैं। ऐसा ही रहा तो फरवरी में तापमान एक नया रिकार्ड बना सकता है।
आमतौर पर जनवरी में तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा है। यह जनवरी का औसत तापमान भी है लेकिन इस बार तो पारे ने जनवरी में ही रिकार्ड बना दिया। शनिवार को तापमान 29.3 डिग्री पर था। मौसम विभाग का मानना है कि 30 जनवरी को अधिकतम तापमान इससे पहले इतनी ऊंचाई पर नहीं पहुंचा था। दिन इतना गर्म था कि लोगों को पसीना छूटने लगा। दिन का तापमान चढ़ने के साथ ही रात का तापमान भी चढ़ता जा रहा है। शनिवार को जहां 12.6 डिग्री रिकार्ड किया गया था वहीं रविवार को 1.3 बढ़कर 13.9 डिग्री पर पहुंच गया।
हालांकि दिन के तापमान में शनिवार के मुकाबले 0.8 डिग्री की कमी आई है लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शहर पर रविवार को पश्चिमी हवाओं का असर रहा। इसकी वजह से ही दिन के तापमान में कमी आई है। हालांकि लोगों को बहुत राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम का हाल अभी कुछ दिनों तक ऐसे ही बने रहने की बात मौसम विज्ञानी कह रहे हैं। नया कटरा की रहने वालीं छात्रा सौम्या और दीपेंद्र कुमार, विजय कुमार, सिविल लाइंस के चंदन, सत्येंद्र, अलोपीबाग के भूपेंद्र, बृजभूषण कहते हैं कि अभी से पंखे-एसी का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विज्ञानी डॉ. अनुपम पांडेय कहते हैं कि अगर ठंड लौटी भी तो वह बहुत मामूली होगी। तापमान के चढ़ने और नमी के कम होने से किसानों की भी चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि तापमान ऐसे ही चढ़ा रहा तो पौधों का विकास रुकने के साथ पैदावार कम हो जाएगी।