गहरे पानी में दीपेंद्र फंसा तो विकास भी तुरंत गहराई की जद में आ गया। दोनों डूबने लगे। एक दो बार दोनों बचाओ बचाओ की आवाज कर बाहर निकले फिर उनका कुछ पता नहीं चला। बाहर भूपेंद्र, वरुण और यश चीखते चिल्लाते रहे। उनकी आंखों के सामने ही उनके दोनों दोस्त नदी में गुम हो गए थे। पुलिस और दोस्तों के पहुंचने के बाद उनके सब्र का बांध टूट गया। तीनों की आंखों से आंसू बहने लगे।
दोस्तों ने उन्हें दिलासा दिया। वे कहते रहे कि वे कुछ भी नहीं कर पाए। काश उन्हें तैरना आता। दीपेंद्र और विकास के दोस्त दिन भर टकटकी लगाए नदी की ओर देखते रहे। एसओ शिवकुटी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह से फिर से तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
गंगा में डूबे छात्र
1-दीपेंद्र सिंह (22) पुत्र बलदेव सिंह - ब्राम्हण कालोनी, ताज पल्टन गेट, रामानंद नगर, अलवर राजस्थान
2-विकास मौर्या (23) विनोद कुमार मौर्या- भिखारीपुर, मऊ
दोस्तों के बीच रही चर्चा , तैरना जानते थे दोनों छात्र
शिवकुटी के कोटेश्वर महादेव मंदिर के पास गंगा में डूबे एमएनएनआईटी के छात्र दीपेंद्र सिंह और विकास मौर्या तैरना जानते थे। ऐसी चर्चा उनके दोस्तों के बीच रही। हालांकि पक्के तौर पर कोई कुछ नहीं बता सका। पुलिस का कहना है कि घर वालों के आने के बाद ही पता चलेगा कि उन्हें तैरना आता था कि नहीं।